120 नहीं सिर्फ 40 मिनट का सफर…तैयार है लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे, 28 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को कानपुर-लखनऊ हाईवे का उद्घाटन कर सकते हैं. इसके लिए तैयारियां तेज हो गई हैं. सिर्फ प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार है.इस एक्सप्रेस वे के खुलने से यात्री लखनऊ से कानपुर के बीच 120 मिनट का सफर सिर्फ 45 मिनट में पूरा कर सकेंगे.

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

लखनऊ और कानपुर के बीच यातायात क्रांति की नई मिसाल तैयार है. 64 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार हो चुका है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 28 अप्रैल को इसका लोकार्पण कराने की तैयारी कर ली है. प्रधानमंत्री कार्यालय से अंतिम मंजूरी का इंतजार है. पहले 21 अप्रैल को लोकार्पण का कार्यक्रम तय था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के दूसरे राज्य के दौरे के कारण समय नहीं निकल सका. अब 28 अप्रैल को यह ऐतिहासिक एक्सप्रेसवे औपचारिक रूप से जनता को समर्पित हो सकता है.

120 किमी की रफ्तार, सिर्फ 45 मिनट का सफर

एक्सप्रेसवे पर वाहन चालक अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे. मौजूदा स्थिति में लखनऊ-कानपुर का सफर घंटों भरता है, लेकिन नए एक्सप्रेसवे पर यह यात्रा महज 45 मिनट में पूरी हो जाएगी. यह न केवल समय बचाएगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को भी काफी हद तक कम करेगा.

टोल टैक्स का ऐलान

सूत्रों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का टोल टैक्स 275 रुपये रखा गया है, जबकि आना-जाना रिटर्न का टोल 415 रुपये होगा. एनएचएआई ने स्पष्ट कर दिया है कि दो पहिया, तीन पहिया और अन्य हल्के वाहनों को इस एक्सप्रेसवे पर चलने की अनुमति नहीं होगी. केवल चार पहिया और भारी वाहनों को ही यहां यातायात की छूट होगी.

दो जोन में पूरा हुआ काम

जोन-1 (लखनऊ): 18.7 किलोमीटर
जोन-2 (उन्नाव): 45.3 किलोमीटर

दो स्थानों पर इंटरचेंज

पूरी 64 किलोमीटर लंबी परियोजना अब यातायात के लिए पूरी तरह तैयार है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही इसकी सराहना करते हुए कहा था कि एक्सप्रेसवे को जल्द ही जनता के लिए खोल दिया जाएगा. एक्सप्रेसवे को दो महत्वपूर्ण स्थानों पर इंटरचेंज बनाकर जोड़ा गया है. पहला कानपुर-लखनऊ हाईवे के पास, दूसरा उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) हाईवे. यात्री जाजमऊ गंगा पुल या गंगा बैराज होते हुए आजाद मार्ग चौराहा से एक्सप्रेसवे पर आसानी से चढ़ सकेंगे. इसी तरह उतरने की भी सुविधा होगी.

जाम से मिलेगी मुक्ति

एनएचएआई के सूत्रों ने बताया कि एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ध्यान में रखा गया है.यह एलिवेटेड स्ट्रक्चर होने के कारण ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाएगा और लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगा.यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर को नई गति देगा. व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

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