यूपी SIR की फाइनल लिस्ट जारी, जनवरी के ड्रॉफ्ट से 84 लाख वोटर बढ़े, 2024 के मुकाबले कम हो गए इतने मतदाता
साल 2024 में जो मतदाता सूची थी, उसके मुताबिक कुल 15.44 करोड़ वोटर्स उत्तर प्रदेश में दर्ज थे. फिर SIR के ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 12,55,56,025 मतदाताओं के नाम दर्ज थे यानी 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे. अब फाइनल वोटर लिस्ट में 13,39,84,792 वोटर्स नाम शामिल हैं. यानी ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले 84 लाख मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं, जो साल 2024 में वोटर लिस्ट के मतदाताओं की संख्या से 2.05 लाख ज्यादा है.
उत्तर प्रदेश में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक साल 2024 में जो मतदाता सूची थी, उसमें से 2.05 करोड़ मतदाताओं के नाम कट गए हैं. हालांकि, 6 जनवरी को SIR की जो ड्राफ्ट लिस्ट जारी हुई थी, उसमें कुल 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम में कटौती हुई थी. लेकिन दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची में 84 लाख नाम बढ़ा दिए गए हैं.
साल 2024 में जो मतदाता सूची थी, उसके मुताबिक कुल 15.44 करोड़ वोटर्स उत्तर प्रदेश में दर्ज थे. फिर SIR की प्रक्रिया शुरू हुई. मतदाताओं की नए सिरे से गणना के बाद 6 जनवरी को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी किया गया. इसमें 12,55,56,025 मतदाताओं के नाम थे. इसमें पुरुषों की संख्या 6,88,43,159, महिलाओं की संख्या 5,67,08,747 थी.अब अंतिम मतदाता सूची में 13,39,84,792 वोटर्स शामिल किए गए हैं. इनमें पुरुष मतदाता 7,30,71,061 हैं. महिला मतदाताओं की संख्या 6,09,09,525 है.
कब शुरू हुई थी SIR की प्रक्रिया?
बता दें प्रदेश में SIR की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी. 4 नंवबर से मतदाताओं की गणना शुरू की गई थी. गणना फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 4 दिसंबर, जिसे बढ़ाकर 25 दिसंबर तक कर दिया गया था. फिर ड्राफ्ट लिस्ट 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित किया गया. दावे-आपत्तियों के दी गई अवधि 06 फरवरी को बढ़ाकर 6 मार्च 2026 कर दिया गया था.
फाइनल वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं आया तो क्या करें?
अगर अब किसी का नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं आया है तो इस सूची में अपना नाम ऐड कराने का उसके पास एक और मौका है. उसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के फैसले के खिलाफ धारा 24 (क) के तहत जिला मजिस्ट्रेट के सामने अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर प्रथम अपील की जा सकती है.
अगर फिर भी आपका नाम वोटर लिस्ट में ऐड नहीं होता तो आप जिला मजिस्ट्रेट के फैसले के खिलाफ धारा 24 (ख) के तहत जिला मजिस्ट्रेट के निर्णय की तारीख से 30 दिनों के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के सामने दूसरी अपील कर सकते हैं. इसके अलावा आप अब भी फॉर्म-6 भरकर, इसे बीएलओ को देकर या खुद ही https://voters.eci.gov.in जाकर अपने मोबाइल नंबर के जरिए आवेदन कर अपना नाम वोटर लिस्ट में ऐड कराने के लिए पंजीकरण करा सकते हैं.
कहां और कैसे चेक करें अपना नाम?
- सबसे पहले voters.eci.gov.in और ceouttarpradesh.nic.in पर जाएं
- यहां आपको वोटर लिस्ट या Electoral Roll सेक्शन में जाकर Uttar Pradesh को सेलेक्ट करें
- फिर Roll Type में Final Roll 2026 या SIR Final Roll 2026 को सेलेक्ट करें
- अपना जिला, जैसे-लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मऊ, आगरा चुनें
- फिर विधानसभा क्षेत्र और बूथ नंबर चुनना होगा
- इसके बाद आपके सामने PDF फॉर्मेट में लिस्ट आ जाएगी
- इस पीडीएफ को आप डाउनलोड कर अपना नाम फाइनल वोटर लिस्ट में देख सकते हैं
इन जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे ज्यादा वृद्धि
मतदाताओं की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 जिले प्रयागराज (3,29,421), लखनऊ (2,85,961), बरेली (2,57,920), गाजियाबाद (2,43,666), और जौनपुर (2,37,590) रहे. सर्वाधिक वृद्धि वाले 5 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र साहिबाबाद (82,898), जौनपुर (56,118), लखनऊ पश्चिम (54,822), लोनी (53,679) और फिरोजाबाद (47,757) शामिल हैं.
‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में भी यूपी को प्रथम स्थान
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि शिकायतों के निस्तारण में, राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) पर उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला. 1,08,529 शिकायतों में से 99.8% का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया. ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में भी उत्तर प्रदेश को प्रथम स्थान मिला, जहाँ 8,63,297 कॉल बुक की गईं और 97% मतदाताओं से संपर्क किया गया.
मतदाता हेल्पलाइन (SCC-1800-180-1950 और DCC-1950) पर राज्य स्तर पर लगभग 34,000 और जिला स्तर पर 85,397 कॉल प्राप्त हुईं, जिनका समाधान किया गया. भारत निर्वाचन आयोग के जन शिकायत निवारण प्रणाली (PGRS) सेल से प्राप्त 431 शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया.
राजनीतिक दलों से कुल 107 ज्ञापन प्राप्त हुए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से कुल 107 ज्ञापन प्राप्त हुए, जिनमें समाजवादी पार्टी से 85, भाजपा से 10, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से 9, बहुजन समाज पार्टी से 1, सीपीआई(एम) से 1 और आम आदमी पार्टी से 1 ज्ञापन शामिल थे. सभी शिकायतों का निस्तारण किया गया.
