लागत कम और कारोबार बड़ा, योगी सरकार ने गंगा एक्सप्रेसवे पर फार्चून कंपनियों को दिया न्योता

योगी सरकार गंगा एक्सप्रेसवे पर औद्योगिक कॉरिडोर बना रही है, जिसका उद्देश्य फॉर्च्यून कंपनियों और निवेशकों को आकर्षित करना है. कम लागत में बड़ा कारोबार स्थापित करने हेतु बहुस्तरीय सब्सिडी, टैक्स छूट, सिंगल विंडो सिस्टम और पीएलआई टॉप-अप जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. यह पहल उत्तर प्रदेश को निवेश का हब बनाने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए है.

गंगा एक्सप्रेसवे

गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कल यानी 29 अप्रैल को होना है. उससे पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाले औद्योगिक कॉरिडोर की रूप रेखा तय कर दी है. सरकार ने एक खाका खींच दिया है कि कहां लोग उद्योग स्थापित होंगे और कहां पर फार्चून ग्लोबल कंपनियों का हब बनेगा. इसी के साथ योगी सरकार ने इस औद्योगिक कॉरिडोर में निवेश करने वाले देशी-विदेशी निवेशकों के लिए राहत का पिटारा भी खोल दिया है. इसमें बहुस्तरीय सब्सिडी, टैक्स छूट, सिंगल विंडो सिस्टम और पीएलआई टॉप-अप जैसी सुविधाएं शामिल हैं.

इस औद्योगिक कॉरिडोर को निवेश का हब बनाने के लिए सरकार ने बहुस्तरीय प्रोत्साहन नीति भी लागू की है. इससे उद्यमी कम लागत में ही बड़े कारोबार की नींव रख सकेंगे. यहां निवेश करने पर उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2022 के तहत एलिजिबल कैपिटल इनवेस्टमेंट (ईसीआई) पर 42 फीसदी तक कैपिटल सब्सिडी मिलेगी. इसी प्रकार 100 फीसदी एसजीएसटी रिम्बर्समेंट (ईसीआई के 300% तक) का प्रावधान किया गया है. इससे निवेशकों को शुरुआती लागत में बड़ी राहत मिलेगी.

माफ होगी स्टांप ड्यूटी

राज्य सरकार ने विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के लिए कई विशेष प्रावधान किए हैं. इसमें सरकारी भूमि पर फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी 80 फीसदी, कैपिटल सब्सिडी 35 फीसदी देने के साथ ही यहां जमीनों की रजिस्ट्री पर स्टांप ड्यूटी पूरा माफ करने का प्रावधान किया गया है. इससे जमीनों का अधिग्रहण और यूनिटों की स्थापना की प्रक्रिया आसान और किफायती हो जाएगी. इसी प्रकार औद्योगिक विकास के साथ ऊर्जा और नवाचार पर भी ध्यान दिया गया है. इसमें एफडीआई और फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनियों को 5 वर्षों तक 100% बिजली शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) में छूट दी जाएगी.

आसान निवेश और पूरी पारदर्शिता

निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ‘निवेश मित्र’ सिंगल विंडो पोर्टल को मजबूत किया गया है. इस प्लेटफॉर्म पर 500 से अधिक ऑनलाइन सेवाएं, भूमि आवंटन, स्वीकृति और इंसेंटिव ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध हैं. इससे निवेशकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा निवेशकों को केंद्र सरकार की पीएलआई योजना के साथ 30% तक का अतिरिक्त टॉप-अप भी दिया जा रहा है. यह सुविधा विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रतिस्पर्धी बनाने और बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए है.

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