कौन हैं एस राधा चौहान, जो करेंगी सीबीएसई OSM मामले की जांच, यूपी के पूर्व DGP की हैं पत्नी

एस. राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. वह 30 जून 2025 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव पद से रिटायर हुई. रिटायरमेंट के बाद केंद्र सरकार ने उन्हें क्षमता निर्माण के चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया था. उनके पति डॉक्टर देवेंद्र सिंह चौहान उत्तर प्रदेश के डीजीपी रह चुके हैं.

एस राधा चौहान Image Credit:

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में इस साल पहली बार लागू किए गए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर पूरे देश में मचे बवाल के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. केंद्र सरकार ने सीबीएसई OSM की जांच के लिए एक समिति गठित की है. इस कमेटी की अध्यक्षता रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एस राधा चौहान करेंगी. वह इस वक्त क्षमता निर्माण आयोग (Capacity Building Commission) की चेयरमैन , जो सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिपोर्ट करती हैं.

उत्तर प्रदेश कैडर की रही हैं अधिकारी

एस. राधा चौहान उत्तर प्रदेश कैडर की 1988 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. वह 30 जून 2025 को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की सचिव पद से रिटायर हुई. फिर उनके अनुभव और योग्यता को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें क्षमता विकास आयोग का चेयरपर्सन नियुक्त किया. उन्होंने वकालत तक की पढ़ाई की है. 36 वर्ष से अधिक की सेवा में लोक नीति, वित्तीय सुशासन, संस्थागत सुधार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे चुकी हैं.

इन पदों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं एस राधा चौहान

एस. राधा चौहान नोएडा अथॉरिटी की सीईओ,गाजियाबाद की कमिश्नर,ग्रेटर नोएडा की डिप्टी सीईओ ,बुलंदशहर, पीलीभीत, आगरा और मेरठ में एडिशनल कमिश्नर व डीएम रह चुकी हैं. 2011-2015 तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की जॉइंट सेक्रेटरी, नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) की चेयरपर्सन एवं सीईओ बनी.

पीएम मोदी को सीधे करती हैं रिपोर्ट

एस. राधा चौहान प्रधानमंत्री को सीधे रिपोर्ट करती हैं. दरअसल, जिस क्षमता विकास आयोग की वह चेयरमैन हैं, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अधीन कार्य करता है. इस आयोग की चेयरपर्सन के रूप में एस राधा चौहान प्रधानमंत्री को सीधे रिपोर्ट करती हैं. इस आयोग के ‘मिशन कर्मयोगी’ स्कीम के जरिए देशभर के लगभग 1.5 करोड़ सरकारी कर्मचारियों को भारतीय मूल्यों पर आधारित, कुशल और प्रभावी सिविल सेवा बनाने का कार्य कर रहा है.

यूपी के पूर्व डीजीपी की हैं पत्नी

एस. राधा चौहान के पति डॉक्टर देवेंद्र सिंह चौहान भी 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं. मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले डॉक्टर देवेंद्र सिंह चौहान ने एमबीबीएस के बाद सिविल सेवा परीक्षा पास की और यूपी पुलिस के डीजीपी पद तक पहुंचे. 12 मई 2022 को उन्हें उत्तर प्रदेश का कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) बनाया गया था. मुकुल गोयल को पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी. वह 31 मार्च 2023 तक इस पद पर बने रहे थे.

सीबीएसई OSM मार्किंग सिस्टम क्या है?

सीबीएसई OSM केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (cbse) की कक्षा 12वीं की परीक्षा में पहली बार लागू किए गया ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम है. छात्र निर्धारित सीबीएसई परीक्षा केंद्रों पर सामान्य तरीके से अपनी पेन-पेपर परीक्षा देते हैं. हर क्षेत्रीय कार्यालय में सभी उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप से स्कैन किया जाता है. अधिकारियों को सुनिश्चित करना था कि स्कैन किए गए पन्ने स्पष्ट और पूरे हों.शिक्षक अपने क्रेडेंशियल्स के जरिए लॉगइन करते हैं और कंप्यूटर स्क्रीन पर स्कैन की गई डिजिटल उत्तर पुस्तिकाओं को देखकर ऑनलाइन अंक देते हैं.

अब इसमें काफी सारी तकनीकी गड़बड़ियों का मामला सामने आया है. कई छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं गायब मिली. विद्यार्थियों की तरफ से यह भी शिकायतें आई हैं कि अन्य की आंसर शीट देख उन्हें मार्क अलॉट कर दिया गया है. यानी उनके नाम पर किसी अन्य की आंसर शीट जांच हुई. इसका साफ असर छात्रों के रिजल्ट पर पड़ा है. बहुत से छात्र उत्तर पुस्तिकाओं का सत्यापन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया में अटके हुए हैं. ऐसे में वह आगे की पढ़ाई के लिए उच्च शिक्षा के लिए शिक्षण संस्थानों में एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं.

कैसे गड़बड़ी आई सामने?

यह मामला तब सामने आया जब सार्थक नाम के एक स्टूंडेंट नए मार्किंग सिस्टम पर सवाल उठने के बाद उन्होंने भी री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए अपनी स्कैन आंसर शीट मांगी थी. आंसर शीट मिलने पर उन्हें पता चला कि वह उनकी है ही नहीं.इस मामले को उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. इसके बाद से ही यह मामला तूल पकड़ता गया. सार्थक ने सीबीएसई के नए मार्किंग सिस्टम का टेंडर उठने वाली कंपनी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए इसी को लेकर 12वीं क्लास के छात्र सार्थक सिद्धांत को संसदीय कमेटी ने बुलाया था.

संसदीय स्थायी समिति के सामने पहुंचे सार्थक पाठक

मंगलवार 2 जून को सार्थक शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सामने पहुंचे . उन्होंने CBSE OSM टेंडर के नियमों में कथित गड़बड़ियां गिनवाईं. छात्र ने कमेटी को सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लागू करने और OSM टेंडर के नियमों को लेकर मिले सबूतों की प्रेंजेटेशन भी दी.

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