अपने ही करीबियों ने KGMU के नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट और दोस्त पर किया हमला? घाघरा में तलाश जारी
KGMU के नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के लापता होने की गुत्थी अब एक कथित हमले और नदी में फेंके जाने की आशंका तक पहुंच गई है. तीन संदिग्ध पुलिस हिरासत में हैं, छह टीमें जांच में जुटी हैं और घाघरा नदी के आसपास तलाश जारी है. अब पुलिस की कोशिश पवन और सचिन तक पहुंचने के साथ-साथ उस रात की पूरी कड़ी जोड़ने की है.
लखनऊ में KGMU के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट पवन कुमार गर्ग के लापता होने के मामले में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं. जांच में सामने आया है कि पवन अपने दोस्त सचिन के साथ इटौंजा के लुधौली गांव में शराब पार्टी करने गए थे. वहां विवाद के बाद दोनों पर हमला किए जाने की बात सामने आई है. पुलिस को शक है कि हमलावर दोनों को कार में लेकर रातभर घूमते रहे और इसके बाद बहराइच-सीतापुर सीमा के पास घाघरा नदी में फेंक दिया.
हालांकि अभी पवन और सचिन का कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. मामले की जांच के लिए छह टीमें लगाई गई हैं. बताया जा रहा है कि 27 सितंबर की रात को KGMU के आर्थोपेडिक विभाग में असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट 42 वर्षीय पवन कुमार गर्ग अपनी कार से घर से निकले थे. इसके बाद वह वापस नहीं लौटे. 28 सितंबर को ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो परिवार और KGMU में उनकी तलाश शुरू हुई.
पवन गर्ग का मोबाइल बंद मिला, जिसके बाद मड़ियांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई. जांच आगे बढ़ी तो पवन की कार सीतापुर के कमलापुर-जयरामपुर रोड पर लावारिस हालत में मिली. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की. जांच में पुलिस को इटौंजा टोल प्लाजा की CCTV फुटेज से अहम सुराग मिला. फुटेज में पवन की कार रात करीब 11:15 से 11:30 बजे के बीच टोल से गुजरती दिखाई दी.
पुलिस ने कपड़ों के आधार पर चालक की पहचान पवन के तौर पर की. कार में उनके साथ अन्य लोग भी नजर आए. इसके बाद पुलिस की जांच का फोकस इटौंजा के लुधौली गांव पर पहुंचा. पुलिस की पड़ताल के मुताबिक पवन अपने दोस्त सचिन के साथ लुधौली गांव में शराब पार्टी करने गए थे. वहीं कुछ लोगों से विवाद होने की बात सामने आई. आरोप है कि विवाद के बाद पवन और सचिन पर हमला किया गया.
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि दोनों को कार में डालकर रातभर अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया. इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि दोनों को बहराइच-सीतापुर सीमा के पास घाघरा नदी में फेंका गया. पुलिस ने नदी और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है. मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस ने छह टीमें लगाई हैं.
CCTV और दूसरे तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस लुधौली गांव पहुंची और स्थानीय लोगों से पूछताछ की. इसके बाद शक के आधार पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर उन जगहों पर पवन और सचिन की तलाश की जा रही है, जहां उनके होने की जानकारी मिली है.
