कानपुर महापौर कार्यालय से फाइलें गायब: सदन के हंगामे के बीच बड़ा विवाद, जांच शुरू

कानपुर नगर निगम सदन के हंगामे के बाद महापौर कार्यालय से महत्वपूर्ण फाइलें गायब होने का नया विवाद सामने आया है. महापौर प्रमिला पांडेय ने दावा किया कि सदन सत्र के दौरान उनके दफ्तर से कई फाइलें नहीं मिल रहीं.

महापौर प्रमिला पांडेय (फाइल फोटो)

कानपुर नगर निगम सदन की बैठक में हुए हंगामे के बाद विवाद अब एक और मुद्दे पर पहुंच गया है. महापौर प्रमिला पांडेय ने मंगलवार को दावा किया कि सदन की बैठक के दौरान उनके कार्यालय से कई महत्वपूर्ण फाइलें गायब हो गईं. उनका कहना है कि कार्यालय के कमरों और अलमारियों की जांच कराई गई, लेकिन फिलहाल ये फाइलें नहीं मिली हैं.

महापौर के मुताबिक, गायब फाइलों की तलाश कराई जा रही है और पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने कहा कि यदि फाइलें मिल जाती हैं तो मामला वहीं खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा. महापौर ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा संगठन के कुछ लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए.

‘इसके पीछे कोई खास मकसद हो’

महापौर ने कहा कि आजकल मंत्री बने कुछ लोग पार्षदों की पर्चियां तक पहुंचा रहे हैं. आरोप लगाया कि जिस समय वह सदन की कार्यवाही में व्यस्त थीं, उसी दौरान कुछ लोग उनके कार्यालय के कमरों में पहुंचे. उनका सवाल है कि उनकी अनुपस्थिति में कार्यालय के अंदर जाने की जरूरत क्यों पड़ी.

उन्होंने दावा किया कि कार्यालय के तीनों कमरों की जांच के दौरान कुछ जरूरी दस्तावेज और फाइलें नहीं मिलीं. महापौर ने यह भी कहा कि सदन में आए कुछ पार्षद पहले से ही हंगामा करने की तैयारी में थे और इसके पीछे कोई खास मकसद हो सकता है. सदन की कार्यवाही के दौरान किसी बड़े नेता को लाइव वीडियो दिखाया जा रहा था.

‘निष्कासित पार्षद सदन में कैसे पहुंचे’

प्रमिला पांडेय ने सवाल उठाया कि कार्यकारिणी की बैठक से निष्कासित किए जा चुके पार्षद पवन गुप्ता आखिर किसके इशारे पर सदन में पहुंचे. दरअसल, शनिवार को नगर निगम सदन की बैठक के दौरान भाजपा के बागी पार्षद आलोक पांडेय, पवन गुप्ता, लक्ष्मी कोरी और विकास जायसवाल से जुड़ा विवाद सामने आया था.

इन पार्षदों पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच कौशलपुरी के मंडल मंत्री मनीष बाजपेई को महापौर कार्यालय में बंधक बनाए जाने का आरोप लगाया गया था. अब महापौर कार्यालय से फाइलें गायब होने के दावे ने पूरे मामले को और तूल दे दिया है. फिलहाल फाइलों की तलाश और घटनाक्रम की जांच जारी है. अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है.

Follow Us