KGMU में हंगामे के बाद पूर्व मंत्री के बेटे संजीत पटेल पर कार्रवाई की मांग, चीफ प्रॉक्टर ने थाने में दी तहरीर

लखनऊ के KGMU में पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे संजीत पटेल के खिलाफ प्रशासन ने चौक कोतवाली में तहरीर दी है. आरोप है कि 1 अप्रैल की घटना के बाद, पटेल ने अपने समर्थकों के साथ KGMU में हंगामा किया, कुलपति का पुतला जलाने की कोशिश की, और चिकित्सा सेवाएं बाधित कीं.

केजीएमयू

लखनऊ के KGMU में स्थित ऑर्थोपेडिक विभाग में मरीज और डॉक्टरों के बीच हुई कहासुनी का मामला तूल पकड़ते जा रहा है. मरीज के घरवाले शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे संजीत पटेल के साथ KGMU पहुंचे. जहां पटेल ने अपने समर्थकों के साथ KGMU में जमकर हंगामा किया, कुलपति का पुतला जलाने की कोशिश की, और कार्रवाई की मांग की.

इस दौरान प्रदर्शनकारियो और वहां मौजूद अधिकारियों के बीच झड़प भी हुई. वहीं, अब पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे संजीत पटेल के खिलाफ KGMU प्रशासन ने चौक कोतवाली में तहरीर दी है. संजीत पटेल पर KGMU में जबरन प्रवेश कर हंगामा करने, कानून-व्यवस्था भंग करने और चिकित्सीय सेवाओं में बाधा उत्पन्न करने का गंभीर आरोप लगाया गया है.

15-20 लोगों के साथ जबरन परिसर में प्रवेश कर हंगामा

KGMU के चीफ प्रॉक्टर आरएएस कुशवाहा ने पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ संजीत सिंह पटेल के खिलाफ तहरीर दी है. इसमें कहा गया कि 1 अप्रैल को संजीत सिंह पटेल के साथ हुई कथित मारपीट की घटना के क्रम में उन्हें शनिवार को 12:00 बजे से होने वाली बैठक की सुनवाई में अपना पक्ष रखने हेतु बुलाया गया था.

संजीत सिंह पटेल अपने अवैध रूप से हूटर लगे वाहन संख्या-UP78BV6275 (जिसका पंजीकरण, फिटनेस, इंश्योरेंस, प्रदूषण वैधता समाप्त हो चुकी है) के साथ अन्य 4-5 वाहनों में 15-20 लोगों के साथ जबरन परिसर में प्रवेश किया गया और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय स्थित समिति कक्ष में घुसकर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए अनावश्यक हंगामा किया.

कुलपति का पुतला जलाने की कोशिश, गेट पर धरना

तहरीर में कहा गया कि जांच समिति के निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिये जाने के बावजूद संजीत पटेल अपने साथ आये लोगों के साथ कुलपति का पुतला लेकर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार (गेट नं0-1) पर पहुंचकर नारेबाजी करने लगे. पुतले पर ज्वलनशील पदार्थ (पेट्रोल) डालकर उसे जलाने का प्रयास किया गया. हालांकि, मौके पर पुलिस बल ने हस्तक्षेप कर उसे विफल किया.

आरोप है कि इसके बाद भी संजीत पटेल अपने समर्थकों के साथ गेट पर अवैध रूप से धरना-प्रदर्शन करते हुए मार्ग अवरुद्ध कर दिया, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में आवागमन प्रभावित हो गया. इसके कारण आपातकालीन सेवाओं प्रयुक्त एम्बुलेंस, गंभीर रोगियों और ओपीडी में आने वाले मरीजों को गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ, इसपर सख्त कार्रवाई की जाए.

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