CM योगी ने किया ‘स्कूल चलो अभियान’ का आगाज, खुद बच्चों को परोसा खाना; पिछली सरकारों को भी कोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से 'स्कूल चलो अभियान' का शुभारंभ किया, जिसका लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना है. उन्होंने खुद अपने हाथों से बच्चों के खाना परोसा और कॉपी-किताब, ड्रेस का वितरण किया. इसके अलावा, पिछली सरकारों को शिक्षा के प्रति उदासीनता के लिए आलोचना की.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे पर हैं. उन्होंने वाराणसी से ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ किया. इसका लक्ष्य शिक्षा को सशक्त बनाना और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना है. सीएम योगी ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया. और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे.
‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ वाराणसी के शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय से किया गया. सीएम योगी ने 2017 में सरकार बनने पर 01 जुलाई को पहली बार इस अभियान की शुरुआत की थी. आज इस अवसर पर उन्होंने इसे जनांदोलन बनाने की लोगों से अपील की. इस दौरान सीएम योगी ने पिछली सरकार पर नकल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया.
‘उनके एजेंडे में न तो शिक्षा थी, न बच्चों की चिंता’
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले शिक्षा की स्थिति पर कहा कि पिछली सरकार के एजेंडे में न तो शिक्षा थी, न सामान्य या किसी बच्चे के बारे में चिंता रही, क्योंकि उनके लोग नकल कराते थे. नकल कराने के लिए उनके लिए आवश्यक थे कि विद्यालयों में पठन पाठन न हों, भले ही बच्चों के भविष्य पर इसका गलत असर पड़े. उनको कोई चिंता नहीं रहा, उनका काम चलता था.’
उन्होंने कहा कि काम चलाऊ व्यवस्था से समाज का उन्नयन नहीं होता है. राष्ट्र सशक्त नहीं होता है. समृद्ध की नई ऊंचाईयां है नहीं प्राप्त कर सकते. मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि सामाजिक एवं आर्थिक समानता लानी है, सामाजिक न्याय के लक्ष्य को सही मायने में जमीनी धरती पर उतरनी है तो हमको, सबको शिक्षित करना होगा.
ड्रॉप आउट रेट 19 से अब 3 फीसदी पर आ गया
सीएम योगी ने कहा कि ड्रॉप आउट रेट 19 से अब 3 फीसदी पर आ गया है. उन्होंने इसे जीरो किये जाने हेतु शिक्षकों से अपील की. साथ ही कहा कि प्रदेश में 80 हजार करोड़ से अधिक धनराशि बेसिक शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है. जहां पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय नहीं थे, वहां उन ब्लाकों में कस्तूरबा गांधी विद्यालय खोलने की व्यवस्था इस बार बजट में किया गया है.
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा में दाखिला होने पर बच्चे बच्चियों को दो बार 15 अप्रैल और 15 जुलाई को निःशुल्क ड्रेस, पाठ्य पुस्तक आदि सामग्री दी जा रही है. इसके लिये सीधे बच्चों के बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 25 लाख बच्चियों को प्रदेश में सुमंगला योजना से पैसा देकर लाभान्वित किया जा रहा है.
‘जब बच्चा साक्षर होता है, तो ही प्रदेश समृद्ध होगा’
सीएम योगी ने अपील की कि शिक्षा के अलख घर-घर में जाने के लिए 1 से 15 अप्रैल तक शिक्षक स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के अंतर्गत अपने अपने क्षेत्र के हर घर पर दस्तक दें. कोई भी बच्चा शिक्षा से कत्तई वंचित न रहने पाए. साथ ही लोगो को सचेत करते हुए कहा कि जब बच्चा साक्षर होता है, तो समाज का विकास होगा, प्रदेश समृद्ध होगा.
उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक विद्यालय में बालक- बालिकाओं के लिये टॉयलेट की अलग-अलग, पेयजल की समुचित व्यवस्था है. विद्यालयों की व्यवस्था में अमूल चूल परिवर्तन हुआ है. उन्होंने स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से जुड़ने की अपील की. साथ ही अपने हाथों से बच्चों को मिड डे मील परोसा और कॉपी-किताब और ड्रेस का वितरण किया.
