किसानों के लिए लॉटरी है लखनऊ की IT सिटी योजना, आने वाले सालों में मिलेगा जबरदस्त फायदा, यहां जाने कैसे

लखनऊ की आईटी सिटी योजना की आज यानी 09 मार्च को लॉन्चिंग है. इस प्रोजेक्ट लिए एलडीए को किसानों और भू-स्वामियों मुफ्त में जमीनें मिली हैं. बदले में प्राधिकरण की तरफ से किसानों को लैंड पूलिंग मॉडल के तहत 25 प्रतिशत विकसित जमीन प्लॉट के तौर पर दिए जाएंगे.

लखनऊ विकास प्राधिकरण

लखनऊ विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी आईटी सिटी योजना आज यानी 09 मार्च को औपचारिक तरीके लॉन्चिंग हो जाएगी. सुल्तानपुर रोड पर तैयार किया जा रहा प्रोजेक्ट लैंड पूलिंग मॉडल पर आधारित है. इस प्रोजेक्ट में किसानों और भू-स्वामियों की तरफ से अपनी जमीनें प्राधिकरण को फ्री में दी गई हैं. बदले में प्राधिकरण की तरफ से उन्हें 25% विकसित जमीन प्लॉट के तौर पर दी जा रही हैं.

लॉटरी के जरिए पहले चरण का आवंटन

सोमवार यानी 9 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स हॉल में लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी. इस योजना के पहले चरण में उन भू-स्वामियों को विकसित प्लॉट आवंटित किए जाएंगे, जिन्होंने 31 जनवरी तक लैंड पूलिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली थी. कुल 549 प्लॉट लॉटरी के जरिए दिए जाएंगे. हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 870 तक बताई गई है.

336 किसानों को लैंड पूलिंग मॉडल का लाभ

एलडीए ने कुल 336 किसानों से जमीन लेकर उन्हें सहमति आधारित लैंड पूलिंग मॉडल का लाभ देने का फैसला किया है. योजना के तहत जमीन देने वालों को 25% विकसित भूमि प्लॉट के रूप में मिलेगी. यदि किसी को 25% से अधिक मिलता है, तो अतिरिक्त हिस्से के लिए एलडीए तय दर पर राशि वसूलेगा. 25% विकसित भूमि प्लॉट के तौर पर मिलने से किसानों को बेहद फायदा होगा. आने वाले वक्त में यहां के प्लॉट के रेट बढ़ेंगे, जिससे किसान बंपर लाभ उठा सकेंगे.

प्लॉट के प्रकार और सेक्टर

आवंटित होने वाले प्लॉट छह अलग-अलग आकारों के होंगे. इसमें 288 वर्ग मीटर ,200 वर्ग मीटर, 128 वर्ग मीटर, 72 वर्ग मीटर ,45 वर्ग मीटर, 35 वर्ग मीटर की जमीनें शामलि हैं. ये प्लॉट योजना के सेक्टर 15, 16, 17, 18 और 30 में स्थित होंगे. इस योजना में जमीन देने की मात्रा के अनुपात में बड़े से छोटे प्लॉट की प्राथमिकता के आधार पर आवंटन होगा. लॉटरी से यह तय होगा कि किसे किस सेक्टर में और किस आकार का प्लॉट मिलता है.

लखनऊ के विकास के अहम ये प्रोजक्ट

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह योजना लखनऊ को आईटी और टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. पहले चरण में लैंड पूलिंग करने वालों को प्राथमिकता दी जा रही है. लॉटरी और आवंटन के बाद आम जनता के लिए पंजीकरण खोला जाएगा, जिससे हजारों परिवारों को आधुनिक आवास मिल सकेगा. साथ ही किसानों 25 प्रतिशत विकसित जमीन प्लॉट के तौर पर किसानों को मिलने से उन्हें बेहद फायदा होगा.

2600 से 3500 एकड़ क्षेत्र में फैली है परियोजना

प्रथमेश कुमार ने आगे बताया कि यह परियोजना सुल्तानपुर रोड पर 2600 से 3500 एकड़ क्षेत्र में फैली है, जो किसान पथ और अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़ी हुई है. लैंड पूलिंग मॉडल की सफलता अन्य योजनाओं के लिए भी मिसाल बनेगी. यह लॉन्चिंग लखनऊ के शहरी विकास और किसानों के हितों में संतुलन का प्रतीक साबित होगा. जिन किसानों और भू स्वामियों ने इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन दी है, उनके लिए यह दिन ऐतिहासिक होगा.