NEET की तैयारी के लिए पिता डाल रहे थे दबाव तो बेटे ने मार दी गोली, आरी से काटा शव, धड़ को नीले ड्रम में छिपाया
लखनऊ में एक बेटे ने अपने पिता को ही मौत के घात उतार दिया. वह भी इसलिए कि उसके पिता उसपर नीट की तैयारी का दबाव डाल रहे थे. पिता की हत्या के बाद बेटे ने उनके शव को आरी से काटा. फिर हाथ पैर सदरौना इलाके में फेंक दिए और धड़ को घर के नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया.
लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही पिता की जान ने ली. 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक पिता मानवेंद्र सिंह को लाइसेंसी राइफल से सिर में गोली मार दी. फिर, आड़ी से शव के टुकड़े करके हाथ-पैर सदरौना इलाके में फेंक दिए और धड़ को घर के नीले ड्रम में सीमेंट भरकर छिपा दिया. फिर चार दिन तक बहन को कमरे में बंद रखा. पड़ोसियों के CCTV फुटेज और शक के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
शुरुआत में अक्षत ने पड़ोसियों और पिता के दोस्तों को बताया कि पापा दिल्ली चले गए हैं या आत्महत्या कर ली है. लेकिन पड़ोसियों ने घर के बाहर लगे CCTV फुटेज खंगाले तो पता चला कि 19 फरवरी की रात 12 बजे के आसपास मानवेंद्र अपनी कार से घर में घुसे थे, उसके बाद बाहर नहीं निकले. अक्षत बार-बार कार लेकर बाहर जा रहा था. लोकेशन चेक करने पर सदरौना का पता चला. संदेह होने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया.
नीट की तैयारी के लिए दबाव डाल रहे थे पिता
पुलिस जब घर पहुंची तो तीसरे तल पर खून के निशान और नीचे खाली कमरे में नीला ड्रम मिला. ड्रम खोलने पर धड़ बरामद हुआ. पूछताछ में अक्षत टूट गया और पूरे राज़ खोल दिए. उसने बताया कि पिता मानवेंद्र उसे बार-बार NEET की तैयारी के लिए दबाव बना रहे थे. अक्षत ने दो बार NEET दी थी, लेकिन सफल नहीं हुआ. वह लामार्ट से 12वीं पास कर चुका था और टीएस मिश्रा कॉलेज से बीकॉम कर रहा था.
धड़ को नीले ड्रम में डालकर सीमेंट भर दिया
20 फरवरी सुबह पिता-पुत्र में तीखी बहस हुई. गुस्से में अक्षत ने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाकर सिर में गोली मार दी. हत्या के बाद अक्षत ने शव को घसीटकर नीचे लाया. पहले गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन ज्यादा था. फिर आरी खरीदकर शव के टुकड़े किए. हाथ-पैर सदरौना में फेंके. धड़ को नीले ड्रम में डालकर सीमेंट भर दिया. बिस्तर, चादर और खून से सने तकिए को अमौसी ले जाकर जला दिया.
बहन को 4 दिन तक कमरे में बंद रखा
घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति (11वीं की छात्रा) अपने कमरे में सो रही थी. गोली की आवाज सुनकर वह आई तो भाई ने जान से मारने की धमकी देकर चार दिन तक घर में बंद रखा. कृति अब भी सदमे में है, पुलिस ने उसकी काउंसलिंग कराई. मानवेंद्र सिंह की पत्नी का 2017 में निधन हो चुका था. उनके पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं और जालौन में रहते हैं.
पिता के दोस्त को आत्महत्या की बात बताई
परिवार में चार पैथोलॉजी लैब और तीन शराब की दुकानें थीं. चार महीने पहले घर से जेवर चोरी हुए थे, जिनकी शिकायत कामवाली पर की गई थी, लेकिन बाद में बेटे की हरकत छिपाने के लिए वापस ले ली गई थी. अक्षत ने शुरुआत में पिता के दोस्त सोनू को फोन करके कहा कि अंकल पापा ने आत्महत्या कर ली है. बता दें कि 21 फरवरी को आशियाना थाने में मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज हुई थी.
पढ़ाई को लेकर सख्त थे मानवेंद्र सिंह
सोनू मानवेंद्र सिंह के घर पहुंचे तो पूछताछ में अक्षत फंस गया. पुलिस ने हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में केस दर्ज कर अक्षत को गिरफ्तार कर लिया है. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं. ड्रम, आरी और कार कब्जे में ली गई है. पड़ोसियों का कहना है कि मानवेंद्र सिंह पढ़ाई को लेकर बहुत सख्त थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह दबाव इतना घातक साबित होगा.
