पिता की वजह से मां की मौत! अक्षत ने बाली उम्र में पाली नफरत,जवानी में ले ली जान; उलझते रिश्तों की सुलगती कहानी
लखनऊ के शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के पिछले दरकते रिश्तों की सुलगती कहानी सामने आई है. मामले की पड़ताल में पता चला है कि हत्यारोपी बेटे अक्षत के मन में मां की मौत के बाद से ही पिता के लिए नफरत पलने लगा था. इसी नफरत की वजह से उसने पिता की हत्या की है. उसे अपने पिता की तस्वीर में हैवान नजर आता था.
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह हत्याकांड की गुत्थी सुलझने के बजाय लगातार उलझती जा रही है. इस वारदात के पीछे दरकते रिश्तों की सुलगती कहानी निकल कर आई है. इस हत्याकांड की नींव उसी समय पड़ गई थी, जब मानवेंद्र सिंह की पत्नी की मौत हुई थी. उस समय मानवेंद्र सिंह के ससुराल वालों ने इसके लिए मानवेंद्र सिंह को ही जिम्मेदार बताया था. यही बात उस समय मासूम बेटे अक्षत के दिमाग में भी बैठ गई. रही सही कसर मानवेंद्र सिंह के आसपास महिलाओं की मौजूदगी ने पूरी कर दी.
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक मानवेंद्र सिंह के अपनी पत्नी के साथ भी संबंध ठीक नहीं थे. आरोप है कि उन्हीं दिनों में वह दूसरी महिलाओं के चक्कर में फंस गए थे. ऐसे में जब उनकी पत्नी का निधन हुआ तो उनकी ससुराल वालों ने मानवेंद्र को ही जिम्मेदार बताया था. उस समय कुछ दिनों तक अक्षत अपने ननिहाल में रहा था और वहीं से यह बात उसके दिमाग में बैठ गई. धीरे धीरे बड़ा होने लगा और उसने खुद अपने पिता के इर्द-गिर्द महिलाओं की मौजदूगी देखा. इससे उसे पूरा विश्वास हो गया कि उसकी मां की मौत पिता की वजह से ही हुई है.
हैवान के रूप में थी पिता की तस्वीर
मानवेंद्र सिंह के खास दोस्त अंशुमान दुबे कहते हैं कि अक्षत 11 साल का ही था तो उसकी मां की मौत हो गई. उसी समय से अक्षत के दिमाग में मानवेंद्र की तस्वीर पिता के रूप में कम एक हैवान के रूप में ज्यादा बन गई. मानवेंद्र और अक्षत के रिश्तों में कड़वाहट धीरे धीरे इतनी बढ़ गई कि अक्षत को न तो पिता की हत्या में कोई संकोच हुआ और ना ही उन्हें कई टुकड़े करने में. वारदात के बाद भी उसके चेहरे पर पछतावे जैसा कोई भाव नजर नहीं आया. वह अपनी बहन से बहुत प्यार करता था और हमेशा कोशिश करता था कि बहन के ऊपर बाप का साया भी ना पड़े.
फूटा गुबार तो ली पिता की जान
मानवेंद्र सिंह पड़ोसियों के मुताबिक अक्षत ने बचपन से ही अपने घर में मारपीट, क्लेश देखा था. उसने अपनी मां को अक्सर मानसिक तनाव में ही देखा था. इसकी वजह से बचपन से ही उसे पिता मानवेंद्र सिंह पसंद नहीं थे. बाद में मानवेंद्र सिंह की दूसरी महिलाओं में कथित रूचि ने उसकी नफरत को दिनों दिन बढ़ाया. इसी बीच मानवेंद्र सिंह ने दूसरी शादी की योजना बना ली. इस बात को लेकर 19 फरवरी को उसकी पिता मानवेंद्र सिंह के साथ झड़प भी हुई. इसी दौरान अक्षत ने पिता के लाइसेंसी राइफल से उन्हें गोली मार दी.
हुआ क्या था उस दिन?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 19 फरवरी की रात मानवेंद्र सिंह नशे की हालत में अक्षत के साथ झगड़ा किए और जाकर सो गए. हमेशा की तरह वह अपनी राइफल पास में ही लेकर सोए थे. इधर, झगड़े के बाद अक्षत आक्रोश में था. उसे पूरी रात नींद नहीं आई. वह रातभर उधेड़बुन में रहा कि इस समस्या से कैसे निपटा चाय. सुबह करीब चार बजे उसने अचानक से खौफनाक फैसला लिया और पिता के कमरे में जाकर उन्हीं की राइफल से उन्हें गोली मार दी. यही नहीं, बाद में उसने पिता के शव को कई टुकड़ों में काट दिया था.
