DM ने 45 मिनट तक कराया इंतजार तो भड़क उठे मंत्री असीम अरुण, लेटर लिखकर सुना दी खरी-खोटी

कन्नौज में रोमा स्मारक पर आयोजित संस्कृति विभाग के कार्यक्रम के कार्यक्रम में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मुख्य अतिथि के रूप में समय पर पहुंचे समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण को जिलाधिकारी के इंतजार में 45 मिनट बैठना पड़ा. इससे आहत होकर वह कार्यक्रम को बीच में छोड़कर चले गए. अब उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर खरी-खोटी सुनाई है.

मंत्री असीम अरुण Image Credit:

26 मार्च की शाम रोमा स्मारक पर सूरज ढल रहा था. मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ठीक पांच बजकर तीस मिनट पर मंच पर खड़े थे. सूट-बूट में सजे, कंधे पर पूर्व IPS अधिकारी की वो सख्त छाप, जिसने कभी लखनऊ पुलिस कमिश्नर के तौर पर अपराधियों को नहीं छोड़ा. लेकिन आज वो खुद इंतजार कर रहे थे. इंतजार भी कैसा. वो भी पूरे पैंतालीस मिनट का…मंच पर बार-बार घोषणा हो रही थी.कार्यक्रम जिलाधिकारी महोदय के आने के बाद ही शुरू होगा.

मंत्री साहब की नजर बार-बार घड़ी पर जा रही थी. मुख्य आयोजक सदर एसडीएम वैशाली मंत्री के पहुंचने के 15 मिनट बाद आईं. फिर अपर जिलाधिकारी पहुंचे. लेकिन DM आशुतोष मोहन अग्निहोत्री अभी भी कहीं नहीं दिखे. प्रशासनिक व्यवस्था का तमाशा चल रहा था. पूर्व पुलिस कमिश्नर नाराज हो गए.जो आदमी कभी थाने में लेट आने वाले अधिकारियों को खड़ा-खड़ा डांटता था, आज खुद मंच पर खड़ा इंतजार कर रहा था.

कार्यक्रम को बीच में छोड़ चले गए असीम अरुण

लंबे इंतजार के बाद असीम अरुण ने आखिरकार माइक उठाया. बीच कार्यक्रम में ही मंच छोड़ा और सीधे कार में बैठ गए.उसी रात उन्होंने जिलाधिकारी को एक ऐसा पत्र लिखा कि जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया. पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है और लोग इसे लेटर बम” बता रहे हैं.

45 मिनट तक जिलाधिकारी का इंतजार करते रहे असीम अरुण

पत्र में मंत्री असीम अरुण ने साफ लिखा कि मुझे मुख्य अतिथि बनाकर बुलाया गया था. समय पर पहुंचा, लेकिन मुख्य आयोजक 15 मिनट लेट आईं. अपर जिलाधिकारी बाद में आए. पूरे 45 मिनट तक मंच से जिलाधिकारी के आने का इंतजार कराया गया. यह प्रशासनिक लापरवाही और अनुशासनहीनता की चरम सीमा है .फिर उन्होंने वो लाइन लिखी जो अब हर अधिकारी के कान में गूंज रही है.

पत्र में जिलाधिकारी को सुनाई खरी-खोटी

असीम अरुण ने अपने पत्र में लिखा कि ‘अनुशासन ही प्रशासन की नींव है . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली से प्रेरणा लें. दोनों नेता समय की पाबंदी के लिए जाने जाते हैं.” मंत्री ने साफ चेतावनी दी. मुझे कार्यक्रम बीच में छोड़कर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं दिखा. जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने हालांकि सफाई दी कि कार्यक्रम का समय पहले साढ़े पांच बजे था, बाद में साढ़े छह बजे कर दिया गया था और मंत्री के प्रतिनिधि विवेक पाठक को सूचना दे दी गई थी. शायद वो जानकारी मंत्री तक नहीं पहुंची.

एसडीएम वैशाली से स्पष्टीकरण मांगा गया

जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने आगे बताया कि एसडीएम वैशाली से स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई होगी. लेकिन सवाल अब आम जनता के मन में है. अगर एक मंत्री को 45 मिनट इंतजार करना पड़ता है, तो आम आदमी का क्या हाल होगा?जो मंत्री खुद पूर्व पुलिस कमिश्नर हैं, उन्होंने जो खरी-खोटी सुनाई है, वो सिर्फ एक कार्यक्रम की देरी नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र की लेटलतीफी पर तमाचा .

Follow Us