लखनऊ में अवैध डेयरी पर फिर एक्शन, पकड़ी जा रहीं भैंसें… इनका क्या है अतीक कनेक्शन?
लखनऊ के पारा इलाके में कथित अवैध भैंस डेयरियों के खिलाफ नगर निगम और पुलिस का अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा. भारी पुलिस बल के बीच कई भैंसों को पकड़कर काजी हाउस भेजा गया. यह कार्रवाई पुलिस और नगर निगम टीम पर कथित हमले के बाद और तेज हुई है. मामले में 14 नामजद और 11-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
लखनऊ के पारा इलाके में अवैध रूप से संचालित बताई जा रही भैंस डेयरियों के खिलाफ नगर निगम और पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. तीसरे दिन भी संयुक्त टीम ने इलाके में अभियान चलाया और कई भैंसों को पकड़कर काजी हाउस भेजा. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई से डेयरी संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है.
यह कार्रवाई सिर्फ अवैध डेयरियों तक सीमित नहीं है. दरअसल, बीते दिनों कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और नगर निगम की टीम के साथ कथित मारपीट और विवाद के बाद मामला अब कानून-व्यवस्था से भी जुड़ गया है. पुलिस ने इस मामले में 14 नामजद और 11-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें तीन महिलाएं और छह पुरुष बताए जा रहे हैं.
लेकिन इस पूरे मामले के बीच सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में एक सवाल तेजी से उठ रहा है कि पारा के गद्दी समुदाय का माफिया अतीक अहमद से क्या कनेक्शन है? क्या वाकई कोई आपराधिक नेटवर्क है या फिर मामला सिर्फ अवैध डेयरी के संचालन का है?
पहले समझिए पूरा मामला क्या है?
पारा थाना क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई पिछले कुछ दिनों से चल रही है. कार्रवाई के दौरान पुलिस और नगर निगम की टीम पर हमला किया गया, जिसका वीडियो सामने आया था. इस वीडियो में दरोगा का गला एक आरोपी दबाते हुए दिख रहा था. इसके बाद प्रशासन ने अभियान को और सख्त कर दिया है. पुलिस ने 14 लोगों को नामजद करते हुए करीब 11 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कियाय.
मामले में हत्या के प्रयास यानी धारा 307 समेत गंभीर धाराएं लगाए जाने की बात सामने आई है. पुलिस अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें छह पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, मामले का एक मुख्य आरोपी अभी फरार है. उस पर पुलिसकर्मी पर हमला करने और दरोगा को मारने की कोशिश करने का आरोप है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं.
तीसरे दिन भी पकड़ी गईं भैंसें
पुलिस पर हमले की घटना के बाद नगर निगम ने अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है. तीसरे दिन भी भारी पुलिस फोर्स के साथ नगर निगम की टीम पारा क्षेत्र में पहुंची. कार्रवाई के दौरान कई भैंसों को पकड़ा गया और उन्हें काजी हाउस भेजा गया. पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में डेयरी संचालन वाले इलाकों में अभियान चलाया गया. अधिकारियों का फोकस कथित अवैध डेयरियों के साथ-साथ अतिक्रमण और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विपरीत पशुपालन की शिकायतों पर भी है.
कौन हैं पारा के ‘गद्दी’?
पारा, दुबग्गा और आसपास के इलाकों में गद्दी समुदाय की अच्छी-खासी आबादी बताई जाती है. स्थानीय स्तर पर इस समुदाय के लोगों की पारंपरिक आजीविका पशुपालन और डेयरी कारोबार से जुड़ी रही है. समय के साथ पारा और आसपास के इलाके तेजी से शहरी हुए. पुराने गांवों और बस्तियों के बीच अब बड़ी संख्या में आवासीय कॉलोनियां और शहरी आबादी बस चुकी है. ऐसे में पशुपालन और डेयरी संचालन को लेकर स्थानीय प्रशासन और लोगों के बीच विवाद की स्थितियां भी सामने आती रही हैं.
अब आते हैं अतीक अहमद कनेक्शन पर
अतीक अहमद का नाम सामने आने की वजह उनकी बिरादरी है. अतीक अहमद भी मुस्लिम गद्दी समुदाय से आते थे. यही वजह है कि सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं में पारा के गद्दी समुदाय को उनके साथ जोड़कर देखा जा रहा है. अभी तक की जानकारी के मुताबिक, पारा और दुबग्गा क्षेत्र के गद्दी समुदाय का अतीक अहमद के साथ पारिवारिक संबंध या संगठित आपराधिक नेटवर्क की पुष्टि नहीं होती.
डेयरी कारोबार से जमीन के कारोबार तक
पारा और आसपास के इलाकों में गद्दी समुदाय के कई परिवार लंबे समय से पशुपालन और डेयरी कारोबार से जुड़े रहे हैं. शहरी विस्तार के साथ जमीन की कीमत बढ़ने और शहर के फैलाव के कारण कई लोगों का जुड़ाव जमीन से जुड़े कारोबार से भी हुआ है.
पुलिस-नगर निगम की कार्रवाई क्यों हुई तेज?
दरअसल, मौजूदा कार्रवाई की सबसे बड़ी वजह पुलिस और नगर निगम की टीम के साथ हुई घटना है. जब सरकारी टीम कार्रवाई करने पहुंची और विवाद के बाद पुलिसकर्मियों व नगर निगम कर्मचारियों के घायल होने की बात सामने आई, तो प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया. इसके बाद एक तरफ आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू हुई तो दूसरी तरफ अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान भी तेज कर दिया गया. पुलिस अब फरार आरोपियों को पकड़ने में जुटी है.
