प्रयागराज: 1994 के बाद बेलन नदी में आया इतना पानी! पुल क्षतिग्रस्त, कोरांव-देवघाट संपर्क टूटा

गंगा-यमुना के उफान से प्रयागराज के दारागंज में हाहाकार मचा है. इस बीच बेलन नदी पर बने पुल के ज्वाइंट में गैप आ गया है. पुल पर आवाजाही बंद कर दी गई है. कोरांव-देवघाट संपर्क टूट गया है. डैम से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण तेज बहाव ने पुल को नुकसान पहुंचाया.

बेलन नदी पुल क्षतिग्रस्त: कोरांव-देवघाट संपर्क टूटा,

प्रयागराज में यमुनानगर जोन के कोरांव तहसील क्षेत्र में बेलन नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने से इलाके में आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. सिरसा-कोरांव स्टेट हाईवे पर बने इस पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद कोरांव का देवघाट से सीधा संपर्क पूरी तरह कट गया है. पुल बंद होने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है.

बताया जा रहा है कि बेलन नदी में अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के चलते पुल के ज्वाइंट में गैप आ गया. लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर राजीव चौबे के मुताबिक, डैम से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा. पानी पुल के ऊपर तक पहुंच गया, जिससे पुल के ज्वाइंट प्रभावित हुए और उसकी संरचना को नुकसान पहुंचा.

1994 के बाद बेलन नदी में आया इतना पानी

वहीं, सुरक्षा को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने तत्काल पुल से आवागमन बंद कर दिया है. देवघाट में विभाग के अधिशासी अभियंता की ओर से लोगों को सतर्क करने के लिए आवागमन बंद होने का बोर्ड भी लगा दिया गया है. पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के मुताबिक यह पुल बेरिंग पर आधारित है. पानी के तेज दबाव के चलते पुल क्षतिग्रस्त हुआ है.

विभाग का कहना है कि साल 1994 में भी बेलन नदी में इस तरह की भीषण बाढ़ आई थी, लेकिन उसके बाद पहली बार नदी में इतना अधिक पानी देखने को मिला है. वहीं, अब पुल के बंद होने का असर सिरसा-कोरांव मार्ग से गुजरने वाले लोगों और वाहनों पर पड़ रहा है. यह स्टेट हाईवे उत्तर प्रदेश को मध्य प्रदेश से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है.

सेतु निगम के इंजीनियर करेंगे पुल का निरीक्षण

पुल पर आवागमन रुकने से दो राज्यों के बीच सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है. लोक निर्माण विभाग ने क्षतिग्रस्त पुल की तकनीकी जांच और आगे की कार्रवाई के लिए सेतु निगम की टीम को बुलाया है. सेतु निगम के इंजीनियर पुल का निरीक्षण कर उसकी स्थिति का आकलन करेंगे. पुल को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही दोबारा आवागमन शुरू किया जाएगा.

फिलहाल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है. पुल बंद होने के कारण राहगीरों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है. दूसरी ओर गंगा-यमुना में उफान से प्रयागराज शहर में तबाही है, नदियों का पानी घरों तक घुस आए हैं. एनडीआरएफ ने लोगों से तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है.

Follow Us