करने जा रहे जमीन का सौदा तो हो जाएं सावधान, भारी पड़ सकती है ये लापरवाही; जानें क्या बरतें एहतियात

घर या जमीन खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें ताकि जीवन भर की जमा पूंजी सुरक्षित रहे. थोड़ी सी लापरवाही से बड़ा नुकसान हो सकता है. सौदा करने से पहले प्रापर्टी का स्वामित्व, बिक्री विलेख, खसरा-खतौनी जैसे दस्तावेज आदि जांच लेना चाहिए. भूलेख पोर्टल पर ऑनलाइन रिकॉर्ड देखें और बैंक गिरवी या कोर्ट केस की पड़ताल करें. धोखाधड़ी से बचने के लिए विशेषज्ञ और स्थानीय लोगों की सलाह अवश्य लें.

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यदि आप घर या जमीन खरीदने जा रहे हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. चूंकि इस सौदे में आप जीवन भर की जमा पूंजी लगाने वाले हैं, इसलिए यह सावधानी और भी जरूरी हो जाती है. अन्यथा थोड़ी सी लापरवाही, जल्दबाजी या दस्तावेजों की सही जांच किए बिना किए गए इस सौदे में बड़ा नुकसान हो सकता है. इन दिनों अक्सर ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें जमीन की खरीद के बाद लोगों को पता चलता है कि यह जमीन पहले से ही बैंक में गिरवी है या फिर कोर्ट में विवाद चल रहा है.

इसलिए प्रॉपर्टी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह की डील फाइनल करने से पहले उसकी पूरी पड़ताल बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों के मुताबिक प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह उसकी मालिकाना हक की जांच करना जरूरी होता है. पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि जमीन बेचने वाला उसका वैध मालिक है भी या नहीं. इसके लिए बिक्री विलेख (Sale Deed), खसरा-खतौनी, जमाबंदी, म्यूटेशन और अन्य राजस्व रिकॉर्ड का मिलान कर लेना चाहिए.

ऑनलाइन चेक कर सकते हैं रिकॉर्ड

उत्तर प्रदेश में सारी भूमि रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हैं. किसी भी प्रापर्टी का सौदा करने से पहले राजस्व विभाग की साइट या भूलेख पोर्टल पर जाकर खसरा या गाटा नंबर के आधार पर जमीन का नया और पुराना रिकॉर्ड देखा जा सकता है. इसमें जमीन मालिक का नाम, भूमि का प्रकार और अन्य जरूरी जानकारी मिल जाएगी. इसी के साथ यह भी पता चल जाएगा कि यह जमीन या मकान बैंक में गिरवी तो नहीं है. यदि ऐसा है तो बेचने वाले से बैंक की एनओसी मांग सकते हैं.

कोर्ट केस की भी करें जांच

प्रापर्टी के सौदे में सिर्फ दस्तावेज देख लेना पर्याप्त नहीं है. यह भी देख लेना चाहिए कि इस प्रॉपर्टी पर कोई कोर्ट केस या कानूनी विवाद तो नहीं है. इसके लिए संबंधित जिला न्यायालय और हाईकोर्ट की वेबसाइट पर केस स्टेटस खोजा जा सकता है. यदि मामला जटिल हो तो किसी अनुभवी वकील से टाइटल सर्च कराना बेहतर विकल्प है. इसके अलावा जिस इलाके में जमीन या मकान खरीद रहे हैं, वहां के पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से भी जानकारी लेना जरूरी है. कई बार ऐसे विवाद होते हैं, जिनका रिकॉर्ड अभी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज नहीं होता, लेकिन स्थानीय लोगों को उनकी जानकारी होती है.

जरूर देखें ये दस्तावेज

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