इलाहाबाद हाईकोर्ट में राहुल गांधी केस से हटे जस्टिस सुभाष विद्यार्थी, अब मनीष माथुर करेंगे सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट में राहुल गांधी के नागरिकता मामले में बड़ा बदलाव आया है. जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण खुद को केस से अलग कर लिया. ऐसे में अब जस्टिस मनीष माथुर इस मामले की सुनवाई करेंगे. याचिकाकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता का आरोप लगाया है. मामले की अगली सुनवाई 7 मई को है.
राहुल गांधी की नागरिकता के मामले में अब नया पेंच आ गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने केस से खुद को अलग कर लिया है. ऐसे में अब मामला सुनवाई के लिए जस्टिस मनीष माथुर के पास भेजा गया है. इस मामले में अब हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को संबंधित दस्तावेज दाखिल करने और मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 मई की डेट मुकर्रर की है.
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में राहुल गांधी के खिलाफ कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने अर्जी दाखिल की थी. इसमें उन्होंने राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता रखने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच कराने की मांग की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी के पास भारत की तो नागरिकता है ही, उन्होंने चोरी छुपे ब्रिटिश नागरिकता भी हासिल की है.
हाईकोर्ट ने बदल दिया था अपना फैसला
याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने पहले यह याचिका लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल की थी, लेकिन उस अदालत ने याचिका खारिज कर दिया था. ऐसे में विग्नेश शिशिर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ पहुंच गए और वहां अपनी याचिका दायर की. इस मामले में 17 अप्रैल को जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की कोर्ट में सुनवाई हुई और इस अदालत ने राज्य सरकार को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जांच कराने का मौखिक आदेश दिया था. हालांकि अगले ही दिन अदालत ने अपने ही आदेश में संशोधन करते हुए राहुल गांधी को नोटिस दिए बिना इस तरह का आदेश को उचित नहीं माना था.
इसलिए जज ने छोड़ा केस
जस्टिस सुभाष विद्यार्थी के इस फैसले के बाद याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट किए थे. इसे देखने के बाद जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने नाराज होकर 20 अप्रैल को ही इस केस से खुद को अलग कर लिया था. इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई जस्टिस मनीष माथुर की एकल पीठ को ट्रांसफर कर दी है. इस अदालत ने याचिकाकर्ता को दस्तावेज पूरा करने का मौका दिया है.