‘चोरों को कड़ी सजा मिले’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर महंत नृत्यगोपाल दास की पहली प्रतिक्रिया
राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी मामले पर पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने हस्तलिखित पत्र जारी कर कहा कि यदि दान-चोरी के आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद व्यक्त की.
राम मंदिर में कथित दान और चढ़ावा चोरी के मामले में पहली बार श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने भगवान श्रीरामलला सरकार को संबोधित एक हस्तलिखित पत्र जारी करते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर गहरी पीड़ा व्यक्त की है. महंत नृत्यगोपाल दास ने लिखा कि यदि मंदिर में दान-चोरी के आरोप सत्य हैं, तो दोषियों को कठोर से कठोर दंड मिलना चाहिए.
साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि दोनों नेता इस मामले को गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे. महंत नृत्यगोपाल दास का यह पत्र ऐसे समय सामने आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर एसआईटी जांच जारी है और आज ट्रस्ट की अहम बैठक होनी है. हालांकि, इस बैठक में महंत नृत्यगोपाल दास स्वास्थ्य कारणों से मौजूद नहीं रहेंगे.
हस्तलिखित पत्र में जताया गहरा दुख
महंत नृत्यगोपाल दास ने अपने पत्र में लिखा, ‘राम मंदिर में हुई कथित दान चोरी की घटना से वे अत्यंत आहत हैं.’ उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सत्य सिद्ध होते हैं तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने इस पूरे प्रकरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा कि दोनों नेता दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
महंत ने अपने पत्र में यह भी कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और इस प्रकार की घटना पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है. उन्होंने इसे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार बताया. साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने निजी स्वार्थ या राजनीतिक लाभ के लिए धर्म और आस्था का इस्तेमाल न करे. उन्होंने विश्वास जताया कि सत्य सामने आएगा और न्याय अवश्य होगा.
आज दोपहर 3 बजे होगी बैठक
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं. राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों के बीच बुलाई गई यह बैठक कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. हाल के दिनों में एसआईटी जांच, ट्रस्ट में हुए बदलाव, वरिष्ठ पदाधिकारियों के इस्तीफे और लगातार उठ रहे सवालों के बीच ट्रस्ट की यह पहली बड़ी बैठक है, ऐसे में संगठनात्मक और प्रशासनिक स्तर पर कई अहम फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है.
चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी फैसला
हाल के दिनों में ट्रस्ट के भीतर बड़े संगठनात्मक बदलाव हुए हैं. लंबे समय से ट्रस्ट के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. आज उनके इस्तीफा पर फैसला होगा. अगर इस्तीफा मंजूर होता है तो इसके बाद ट्रस्ट के नए महासचिव और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी नए चेहरों को सौंपी जा सकती है. आज की बैठक में इन बदलावों के बाद नई जिम्मेदारियों के बंटवारे और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना है.
पारदर्शिता बढ़ाने पर हो सकता है मंथन
चढ़ावे और दान को लेकर उठे विवाद के बाद ट्रस्ट पर पारदर्शिता बढ़ाने का दबाव भी बढ़ा है. सूत्रों के मुताबिक बैठक में इस बात पर विचार किया जा सकता है कि भविष्य में मंदिर में प्राप्त होने वाले नकद दान, सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं की निगरानी और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था को और अधिक मजबूत कैसे बनाया जाए. इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड, सुरक्षा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी और ऑडिट व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा संभव है.