महिला वोटरों को लुभाने के लिए अखिलेश ने चल दिया नया दांव, क्या बढ़ेगी BJP और BSP की टेंशन
यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव महिला वोटरों को लुभाने के लिए मूर्ति देवी-मालती देवी” महिला सम्मान समारोह की शुरुआत कर रहे हैं. इस सम्मान समारोह के तहत लगभग 20 महान महिला हस्तियों के नाम पर अवॉर्ड दिए जाएंगे. प्रत्येक महिलाओं को 1 लाख की सम्मान राशि भी दी जाएगी.
यूपी विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का वक्त बाकी है. लेकिन सभी पार्टियों ने अपनी रणनीतियां तेज कर दी है. अब समाजवादी प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं साधने की तैयारी की है. इस कड़ी में अखिलेश यादव अपनी दादी और मां के नाम पर “मूर्ति देवी-मालती देवी” महिला सम्मान की शुरुआत कर रहे हैं.
अखिलेश यादव ने इस अवॉर्ड सीरीज में खास ‘सोशल इंजीनियरिंग’ की है. उन्होंने देश की लगभग 20 महान महिला हस्तियों के नाम पर सम्मान की श्रेणियां बनाई हैं, ताकि विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को प्रेरणा मिले और उनका सम्मान हो सके. इनमें ऐतिहासिक, संस्कृति, पत्रकारिता, सामाजिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र की दिग्गज महिलाओं के नाम शामिल हैं.
अखिलेश यादव ने “मूर्ति देवी-मालती देवी” महिला सम्मान समारोह में जिन 20 महिला हस्तियों के नाम पर अवॉर्ड देने की घोषणा की है उसमें रानी लक्ष्मीबाई,सावित्रीबाई फुले,अहिल्याबाई होलकर, ऊदा देवी,बेगम अख्तर,महादेवी वर्मा,सरस्वती
सरोजिनी नायडू ,इस्मत चुगताई जैसे बड़े नाम हैं.
अखिलेश यादव ने इस सम्मान समारोह के बारे में क्या कहा?
अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी का फोकस अब सिर्फ वोट बैंक तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘आधी आबादी’ को सम्मान, प्रोत्साहन और असली भागीदारी दिलाना है. अखिलेश यादव ने अपनी दादी और मां के नाम पर यह पहल शुरू करने को अपनी पारिवारिक परंपरा और महिला सशक्तिकरण के प्रति प्रतिबद्धता बताया. उन्होंने आगे कहा कि यह समारोह न केवल सपा की महिला-केंद्रित राजनीति को नई दिशा देगा.
महिलाओं को दी जाएगी एक लाख रुपये की सम्मान राशि
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह सम्मान समारोह पूरे प्रदेश में लगातार आयोजित किया जाएगा और हर क्षेत्र की असली योगदान देने वाली महिलाओं को चुना जाएगा. इस अवॉर्ड के माध्यम से 1 लाख की सम्मान राशि समाजवादी पार्टी देगी. आज कार्यक्रम में अखिलेश यादव महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं.
क्या बढ़ेगी बीजेपी-बीएसपी की टेंशन
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अखिलेश इस सम्मान समारोह के जरिए बड़ी संख्या में प्रदेश की महिला वोटरों को अपने पाले में करना चाहते हैं. हालांकि, उनकी इस पहल का महिला वोटरों पर कितना असर होगा और अन्य पार्टियों के लिए यह कितना मुसीबत लेकर आएगी, ये आने वाला वक्त ही बताएगा.
