साकिब का खौफनाक प्लान…गैस सिलेंडर के जरिए कराना चाहता था ट्रेन एक्सीडेंट, ATS ने शुरू किया पिछले 1.5 साल के रेल हादसों की जांच
एटीएस ने हाल ही में 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है. अब इन आतंकियों से पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है. मेरठ से गिरफ्तार हुआ साकिब रेल ट्रैक पर सिलेंडर रखकर ट्रेन दुर्घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रच रहा था. ऐसे में एटीएस ने देशभर में पिछले डेढ़ साल के रेल हादसों की जांच करने की शुरु कर दी है.
आतंकवाद निरोधक दस्ता ने पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए आतंकियों से पूछताछ में कई अहम नाम उगलवाए हैं. इन आतंकियों को मेरठ निवासी साकिब ने आतंकी संगठनों के इशारे पर रेल दुर्घटनाएं कराने के लिए तैयार किया था. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी हैंडलर इनसे रेलवे ट्रैक पर गैस सिलेंडर रखकर बड़ी रेल दुर्घटना कराने का लक्ष्य देते थे.
एटीएस के सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों के गिरोह में 10 से ज्यादा युवक शामिल थे. इन्हें हथियार चलाने के साथ-साथ रेल दुर्घटना अंजाम देने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया था. पाकिस्तानी हैंडलर वीडियो भेजकर ट्रेनिंग देते थे. उसी ट्रेनिंग के आधार पर कुछ आतंकियों ने रेल ट्रैक पर गैस सिलेंडर रखकर बड़ी दुर्घटना करने की कोशिश भी की थी.
पिछले डेढ़ साल के रेल हादसों की जांच शुरू
इस खुलासे के बाद एटीएस ने पिछले डेढ़ वर्ष में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में रेल ट्रैक पर गैस सिलेंडर या अन्य वस्तुएं रखे जाने के सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है. एटीएस ने गिरफ्तार आतंकियों के मोबाइल लोकेशन और टावर डेटा निकाल लिया है. अब संबंधित स्थानों पर इन आतंकियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा रही है.
इन चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया
एटीएस ने पिछले शुक्रवार को मेरठ निवासी साकिब और अरबाब, गौतमबुद्ध नगर निवासी विकास गहलावत तथा लोकेश पंडित को गिरफ्तार किया था. ये सभी आतंकी संगठनों के लिए रेलवे स्टेशनों, सरकारी संस्थानों और नेताओं की रेकी कर सूचनाएं भेजने के आरोप में पकड़े गए.
एटीएस को मिला चारों आतंकियों का 5 दिन का रिमांड
अदालत ने एटीएस को इन चारों का 5 दिन का रिमांड दे दिया है.पूछताछ में अरबाब, विकास और लोकेश ने बताया कि साकिब को असलहों का शौक था. आतंकी संगठन क्यूआर कोड के जरिए पैसे भेजते थे, जिनसे वह हथियार खरीदने की तैयारी कर रहा था. सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह रेलवे को निशाना बनाने की बड़ी साजिश रच रहा था,