वाराणसी में 25 साल बाद 3 नए टाउनशिप; कैसे मिलेगा? कब अप्लाई करें? हर सवाल का जवाब
हाल ही में वीडीए (वाराणसी विकास प्राधिकरण) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पास कर दिया है.इसमें मढ़नी, गंजारी और कल्लीपुर में तीन टाउनशिप प्रोजेक्ट का प्रस्ताव भी है. मढ़नी और कल्लीपुर टाउनशिप प्रोजेक्ट में अप्रैल तक किसानों से जमीन एक्वायर करने का काम पूरा होने की संभावना है.वहीं, मई में यहां काम भी शुरू हो जाएगा.इसके अलावा गंजारी में किसानों से जमीन के मुआवजे की रेट को लेकर अभी बातचीत चल रही है.
वाराणसी डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी कि वीडीए 25 साल बाद तीन नए टाउनशिप लेकर आया है. ये तीनों टाउनशिप वाराणसी में रेसीडेंशियल जरूरतों को ना सिर्फ पूरा करेंगे बल्कि वाराणसी के नियोजित विस्तार में भी अहम भूमिका निभाएंगे. इन टाउनशिप में प्रॉपर्टी लेने के लिए योजना लॉन्च होने पर वीडीए की आधिकारिक वेबसाइट (vdavns.com) पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. फिलहाल, योजना की लॉन्च डेट और आवेदन की तारीख को लेकर कोई अपडेट नहीं सामने नहीं आया है. इस दौरान टीवी 9 डिजिटल ने वीडीए वीसी पूर्ण बोरा से वाराणसी के नियोजित विकास पर तफ़्सील से बात की है.
सवाल : वीडीए तीन नए प्रोजेक्ट लेकर आया है. ये कौन कौन से प्रोजेक्ट हैं और कब शुरू होंगे?
जवाब: वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि ‘देखिए 25 साल बाद वीडीए ये तीन नए टाउनशिप लेकर आया है. मढ़नी और कल्लीपुर टाउनशिप प्रोजेक्ट में अप्रैल तक किसानों से जमीन एक्वायर करने का काम पूरा हो जाएगा. मई से हम काम शुरू कर देंगे जबकि गंजारी में किसानों से रेट को लेकर अभी बातचीत चल रही है. वहां भी हम जमीन एक्वायर का काम जल्दी शुरू करेंगे.’
उन्होंन आगे बताया कि किसानों को लैंड पुलिंग का भी ऑप्शन भी दिया गया है. वाराणसी में रेसीडेंशियल प्लॉट की जरूरत ज़्यादा है और लोग भी चाहते हैं कि वो ऐसा प्लॉट लें जो अनडिसप्यूटेड और सिक्योर प्लॉट हो और वीडीए एप्रूव्ड हो. हम लोगों को ऐसा ही विकल्प देने जा रहे हैं.
पूर्ण बोरा कहा कि ‘इन प्रोजेक्ट्स में रेट क्या होगा अभी ये निर्णय नही हुआ है. लेकिन 35 स्क्वायर मीटर से लेकर 250 स्क्वायर मीटर तक के हम प्लॉट देंगे. गेटेड सोसाइटी होगी जिसमें वन एंट्री वन एग्जिट पॉइंट होगा.टाउनशिप में ग्रुप हाउसिंग, मॉल, होटल, कॉम्प्लेक्स और स्पोर्ट्स एकेडमी बनाई जाएगी. हम प्राइवेट बिल्डर्स और रियल एस्टेट कंपनी की तुलना में बेहतर और सस्ता प्लॉट देंगे. ‘
पूर्ण बोरा ने यह भी जानकारी दी है कि वाराणसी डेवलपमेंट अथॉरिटी शहर के दूसरे इलाकों में भी फ्यूचर विज़न को देखते हुए नए प्रोजेक्ट्स पर विचार कर रहे हैं.वाराणसी को इकोनॉमिक हब के रूप में डेवलप करने के ही अप्रोच के साथ हम रेसीडेंशियल प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं और संभावनाएं तलाश रहे हैं.
सवाल : वाराणसी में एक्सपेंशन एक बड़ा चैलेंज है?
जवाब: वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि ‘ये एक बड़ा चैलेंज है. एक तो वाराणसी में रेसीडेंशियल यूज़्ड लैंड बहुत ज़्यादा है नही और दूसरा इलिगल प्लॉटिंग की वजह से भी इसमें समस्या आई. एग्रीकल्चर लैंड में 10-12 और 15 फीट का रास्ता देकर खूब इलिगल कंस्ट्रक्शन हुआ. नियम के विपरीत और अवैध तरीके से जो काम हुआ जिनको हम चाहकर भी रेगुलराइज़ नही कर पाएं उनको तोड़ना पड़ा.’
उन्होंने आगे बताया कि इससे लोगों को भी बहुत दिक्क़ते आईं. उनका भी नक्शा पास नही हो पाएगा और फिर उनकी मेहनत से कमाया हुआ पैसा भी डिस्प्यूट में फंस जाता है.वाराणसी के सभी 5 जोन में इस समय कहीं भी इलिगल कंस्ट्रक्शन नही हो रहा है. हम प्राइवेट बिल्डर्स और रियल एस्टेट में काम कर रहे लोगों से ये कहना चाहते हैं कि आप लीगल तरीके से काम करें.
पूर्ण बोरा कहा कि ‘हम एक हफ़्ते में आपका ले आउट पास करेंगे. इसके लिए प्राइवेट बिल्डर्स और रियल एस्टेट काम कर रहे लोगों को सिर्फ आपको सरकारी शुल्क देना होगा. किसी दलाल के चक़्कर में मत पड़िये. और कहीं कोई दिक्क़त हो तो सीधे मुझसे मिलिए.तीन महीने में हमने सत्तर प्लस लेआउट पास किया है. इसका लाभ प्राइवेट इंडिविजुअल के साथ साथ आम लोगों को भी होगा और वीडीए पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा.’
सवाल : 2014 के बाद से जमीन की बेतहाशा बढ़ी कीमतों ने मुश्किलें बढ़ाईं?
जवाब: : वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि ‘जमीन का रेट मार्केट फ़ोर्स तय करते हैं. डिमांड-सप्लाई से वो तय होता है. जब तक जमीन की कीमतों में संतुलन नही होगा तब तक डेवलपमेंट और इन्वेस्टमेंट बहुत मुश्किल है. बनारस में जमीन की कीमत बहुत ज़्यादा है और उससे एक असंतुलन भी बना है. मुझे लगता है कि इसके पीछे इलीगल प्लॉटिंग भी एक बड़ा कारण है. इससे एक्सेसिव डिमांड क्रिएट हुआ है.’
उन्होंने बताया एग्रीकल्चर लैंड भी इसी वजह से बहुत ज़्यादा महंगा हुआ है. और इसका सबसे बड़ा नुकसान ये होता है कि इससे इन्वेस्टमेंट आना कम हो जाता है. जब जमीन की कीमत ही इतनी ज़्यादा हो जाएगी तो इन्वेस्टर तो फिर कम ही आएंगे.संतुलन बनाने की कोशिश हम कर रहे हैं.
पूर्ण बोरा ने आगे कहा कि ‘हमने अपने सभी पांचों जोन में स्ट्रिक्टली इलिगल कंस्ट्रक्शन बंद करा दिया है. हम सीधे और सपाट लहजे में उनसे कह रहे हैं कि हम आपको इलिगल कंस्ट्रक्शन नही करने देंगे. आप अपने दिमाग से ये बात बिल्कुल निकाल दीजिए कि आप इलिगल प्लॉटिंग कर लेंगे.’
सवाल : आम लोगों का परसेप्शन, वीडीए में बिना पैसा दिए नहीं होता काम!
जवाब: वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने कहा कि ‘ मैं टीवी 9 डिजिटल के माध्यम से लोगों से ये कहना चाहता हूं कि आप किसी दलाल के चक़्कर में मत पड़िये. सरकारी शुल्क जमा कर के आप अपना नक्शा पास करवाइये और अगर कोई आपसे पैसा मांगता है या परेशान करता है तो आप डायरेक्ट मेरे पास आइए.
उन्होंने कहा कि मैं सुबह दस से बारह जन सुनवाई करता हूं और आप लोगों के लिए ही बैठता हूं. पिछले चार महीने में हमने 200 गुणा ज़्यादा नक्शा पास किया है और इससे वीडीए की कमाई भी करीब चार गुणा बढ़ी है. पहले महीने के दस से बारह करोड़ की कमाई अब बढ़कर चालीस से पैंतालिस करोड़ तक पहुंच गई है.
वाराणसी मे बन रही नई टाउनशिप्स में मिलेंगी ये सुविधाएं
वाराणसी के गंजारी में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के करीब 150 एकड़ में वीडीए नई अर्बन टाउनशिप बसा रही है. इस योजना पर वाराणसी विकास प्राधिकरण 1300 करोड़ रुपये खर्च करेगा. इस नए टाउनशिप में ग्रुप हाउसिंग, मॉल, होटल, कॉम्प्लेक्स और स्पोर्ट्स एकेडमी बनाई जाएगी. जबकि मढ़नी टाउनशिप योजना के अंतर्गत 61 हेक्टेयर में वर्ल्ड वर्ल्ड क्लास टाउनशिप बनाई जाएगी.
वीडीए की कोशिश है कि मढ़नी टाउनशिप में हर वर्ग के लोग कालोनी में प्लाट खरीद सकें. प्लाट का क्षेत्रफल कम से कम 35 वर्ग मीटर और अधिकतम 225 वर्ग मीटर होगा. इससे अधिक प्लाट निकलने पर अधिक लोग वहां बस सकेंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक व्यक्ति केवल एक ही प्लाट ले सके इस पर नजर रखी जाएगी. नई कालोनी में सुविधाओं की बात करें तो यहां नौ, 12, 18 और 24 मीटर चौड़ी सड़कें, सीवर और पेयजल पाइपलाइन, वाटर टैंक, एसटीपी, विद्युतीकरण, विद्युत उपकेंद्र, पार्क, सभागार, गार्ड रूम और पौधारोपण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी.
