लखनऊ में आज BJP की महा-बैठक, जुटेंगे 98 जिलाध्यक्ष; 61 हारी सीटों पर होगा मंथन

यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. लखनऊ में बड़ी बैठक कर पार्टी 61 हारी सीटों पर विशेष रणनीति बना रही है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में संगठन बूथ स्तर तक मजबूत होगा. जीत का रोडमैप तैयार करना ही बैठक का मुख्य उद्देश्य है.

सीएम योगी और पंकज चौधरी (फाइल फोटो) Image Credit:

उत्तर प्रदेश में कैबिनेट विस्तार के बाद अब बीजेपी ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में बीजेपी संगठन अब चुनावी मोड में आ गया है. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को असम सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के बाद कभी भी यूपी को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेताओं की अहम बैठक हो सकती है.

लखनऊ में 12 मई को बीजेपी की बड़ी बैठक होने जा रही है. लखनऊ स्थित बीजेपी कार्यालय में होने वाली इस मीटिंग में यूपी के 98 संगठनात्मक जिलों के जिलाध्यक्षों को बुलाया गया है. इन जिलाध्यक्षों के साथ महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मंथन करेंगे. इस बैठक में संगठनात्मक विषयों और 61 हारी सीटों पर चर्चा हो सकती है.

पिछले तीन चुनावों में हारी 61 सीटों पर फोकस

इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री जीत का मंत्र देंगे. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने शुरुआती रणनीति के तहत उन 61 विधानसभा सीटों पर फोकस करने का फैसला किया है, जहां वो पिछले तीन विधानसभा चुनावों 2012, 2017 और 2022 में जीत दर्ज नहीं कर सकी है.

पहले चरण में इन सीटों पर ग्राउंड लेवल पर फैक्ट फाइंडिंग की जाएगी. उसके बाद स्थानीय सामाजिक समीकरणों, संगठन की स्थिति और जातीय गणित का आकलन कर रणनीति तैयार की जाएगी कि पार्टी अपने कैडर और संगठनात्मक क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कैसे करें. बीते दिन प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने यूपी संगठन में बदलाव के भी संकेत दिए थे.

61 सीटों में 22 पूर्वांचल में, 13 पश्चिमी उत्तर प्रदेश में

मिली जानकारी के मुताबिक, इन 61 सीटों में सबसे ज्यादा 22 सीटें पूर्वांचल क्षेत्र में हैं. इनमें आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर और मिर्जापुर जैसे जिले शामिल हैं. वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर, मुरादाबाद और बिजनौर समेत करीब 13 सीटें ऐसी हैं जहां बीजेपी लगातार जीत हासिल नहीं कर सकी. 2022 में इन दोनों क्षेत्रों की 35 सीटों में से 27 सीटें सपा को मिली थी.

हालांकि, बाद में हुए उपचुनावों में बीजेपी ने सुआर, रामपुर और कुंदरकी जैसी सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की. वहीं बाकी सीटों में से तीन सीटें उस समय समाजवादी पार्टी की सहयोगी रही सुभासपा (SBSP) के पास गई थीं, जबकि बीजेपी सहयोगी अपना दल और निषाद पार्टी को दो-दो सीटें मिली थीं. एक सीट बसपा के खाते में गई थी.

यूपी के नए प्रभारी की नियुक्ति पर भी रहेगा जोर

चुनावी रणनीति के साथ-साथ बीजेपी संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने पर भी जोर दे रही है. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बूथ से लेकर जिला स्तर तक हर महीने बैठकें अनिवार्य कर दी हैं. अब इस महीने से सभी बूथ कार्यकर्ता ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनने के बाद वहीं बूथ लेवल बैठक शुरू करेंगे और स्थानीय लोगों के फीडबैक को लेकर संगठन तक पहुंचाएंगे.

फिलहाल ,उत्तर प्रदेश बीजेपी में पूर्णकालिक प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई है. सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नियुक्ति जल्दी ही होने वाली है, जिसके बाद यूपी के नए प्रभारी की नियुक्ति की जाएगी. इस बैठक को आगामी चुनावों से पहले बीजेपी के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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