8033 सेंटर, 53 लाख परीक्षार्थी… कल से CCTV की निगरानी में होंगी UP बोर्ड की परीक्षाएं

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं बुधवार से 8033 केंद्रों पर 53 लाख से अधिक परीक्षार्थियों के साथ शुरू हो रही हैं. नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कक्ष में वॉयस रिकॉर्डर युक्त दो CCTV कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था है. ऑनलाइन मॉनिटरिंग, संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी, और उत्तर पुस्तिकाओं में सुरक्षा फीचर्स के साथ, यूपी सरकार पारदर्शी व निष्पक्ष परीक्षा कराने को प्रतिबद्ध है.

यूपी बोर्ड में कल से शुरू होंगे एग्जाम

यूपी बोर्ड की परीक्षाएं कल यानी बुधवार से शुरू हो रही हैं. इन परीक्षाओं में सूचिता बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इन परीक्षाओं के लिए कुल 8033 केंद्र बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर 53 लाख से अधिक परीक्षार्थी बैठेंगे. उत्तर प्रदेश सरकार ने नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए ऑनलाइन मॉनिटरिंग और कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. इसके तहत प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डर युक्त दो सीसीटीवी कैमरों लगाए गए हैं. वहीं संपूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग की जाएगी.

प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों की लखनऊ स्थित कैंप कार्यालय से निगरानी होगी. उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित की जाएंगी. इस परीक्षा में कुल 53,37,778 परीक्षार्थी भाग लेंगे. इनमें हाईस्कूल के 27,61,696 और इंटरमीडिएट के 25,76,082 छात्र-छात्राएं शामिल हैं. इनके लिए कुल 8033 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं. इनमें 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालय शामिल हैं.

राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम शुरू

माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने मंगलवार को परीक्षा से पूर्व शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), लखनऊ के कैंप कार्यालय में स्थापित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम का उद्घाटन किया. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप इस वर्ष परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाया गया है. इसी क्रम में 18 जनपदों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जबकि 222 परीक्षा केन्द्रों को अति संवेदनशील और 683 को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है. इन केन्द्रों पर एसटीएफ और स्थानीय अभिसूचना इकाई को पूरी परीक्षा अवधि में सक्रिय रखा जाएगा.

लाइव होगा हर परीक्षा कक्ष

उन्होंने बताया कि परीक्षा की निगरानी के लिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वॉयस रिकॉर्डरयुक्त दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. जिनके साथ राउटर, डीवीआर और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. सम्पूर्ण परीक्षा अवधि की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्टिंग के माध्यम से की जाएगी. परीक्षा केन्द्रों पर बनाए गए स्ट्रांग रूम 24×7 सीसीटीवी निगरानी में रहेंगे. इसके अतिरिक्त सभी 75 जनपदों के प्रत्येक परीक्षा केन्द्र के स्ट्रांग रूम, प्रश्नपत्र वितरण कक्ष और उत्तर पुस्तिका सीलिंग-पैकिंग कक्ष की भी ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी.

राज्य स्तरीय पर्यवेक्षक नियुक्त

परीक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए सभी 8033 केन्द्रों पर व्यवस्थापक, 8033 बाह्य केन्द्र व्यवस्थापक, 8033 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 427 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं. साथ ही 69 मंडलीय और 440 जनपदीय सचल दल गठित किए गए हैं. शासन स्तर से सभी 75 जनपदों और 18 मंडलों के लिए राज्य स्तरीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति भी की गई है.

मदद के लिए बने कंट्रोल सेंटर

परीक्षार्थियों और अभिभावकों की सहायता के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम, लखनऊ में टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001806607 एवं 18001806608 जारी किए गए हैं. इसके अतिरिक्त माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के टोल-फ्री नंबर 18001805310 एवं 18001805312 भी सक्रिय रहेंगे. ईमेल, फेसबुक, एक्स हैंडल और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिकायत एवं सुझाव दर्ज कराए जा सकेंगे. प्रयागराज मुख्यालय के साथ-साथ वाराणसी, मेरठ, बरेली और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में भी कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं.

नकल रोकने के लिए किए ये इंतजाम

नकल रोकने के लिए सरकार ने विशेष सुरक्षा प्रबंध किए हैं. आकस्मिक स्थिति के लिए सभी विषयों के अतिरिक्त रिजर्व प्रश्नपत्र सेट डबल लॉक अलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं. उत्तर पुस्तिकाओं में चार रंगों में क्रमांक, परिषद का लोगो तथा सूक्ष्म “UPMSP” अंकन सहित विशेष सुरक्षा फीचर जोड़े गए हैं, जिससे अदला-बदली की संभावना खत्म हो सके. इस वर्ष पहली बार यूपी संस्कृत शिक्षा परिषद की परीक्षा की भी ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाएगी.