काशी से 2.5 घंटे में चित्रकूट, संगम नगरी से निकलेगा 10वां NH; अगले कुंभ से पहले चालू होगा 249 KM लंबा हाइवे

काशी को चित्रकूट से जोड़ने वाला 249 किमी लंबा, 6 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे मंजूर हो गया है. यह हाई-स्पीड मार्ग यात्रा समय को घटाकर मात्र ढाई घंटे कर देगा. प्रयागराज से गुजरने वाला यह हाईवे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा, और 2031 के कुंभ से पहले तैयार होगा. इससे धार्मिक कॉरिडोर बनेगा और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी.

सांकेतिक तस्वीर

भगवान शिव की नगरी काशी को चित्रकूट से जोड़ने वाले सिक्स लेन चौड़े ग्रीनफील्ड हाईस्पीड हाईवे का रास्ता साफ हो गया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 249 किमी लंबे इस हाइवे के डिजाइन को मंजूरी दे दी है. इसी के साथ इस हाइवे का डीपीआर बनाने का काम शुरू हो गया है. संगम नगरी प्रयागराज से होकर निकल रहे इस हाईवे के डीपीआर के लिए भोपाल की एक कंपनी को 10.37 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है.

छह महीने के अंदर कंपनी को डीपीआर तैयार कर एनएचएआई को सौंपना है. इस बीच जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी. वहीं डीपीआर की मंजूरी के बाद हाईवे के निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक यह ग्रीनफील्ड हाईवे बनारस से शुरू होकर मिर्जापुर के रास्ते प्रयागराज में यमुनापार की बारा, करछना व मेजा तहसील क्षेत्र से होते हुए चित्रकूट तक जाएगा. यह पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे होगा. इस हाइवे से महज ढाई घंटे में बनारस से चित्रकूट तक का सफर तय किया जा सकेगा.

इन हाइवे से होगा इंटरलिंक्ड

अधिकारियों के मुताबिक इस हाईवे को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के अलावा प्रयागराज-रीवा व प्रयागराज-सिंगरौली हाईवे से इंटरलिंक किया जाएगा. भविष्य की योजना को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने इस नए हाईवे के एलाइनमेंट का काम शुरू किया है. इसके लिए संबंधित जिलों में एडीएम स्तर के अधिकारियों को नोडल अफसर बनाया गया है. इस हाईवे के बनने से बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश व मीरजापुर की तरफ से आने वाले वाहनों की राह सुगम होगी. वहीं नैनी ब्रिज पर लगने वाले जाम से भी राहत मिल जाएगी.

2031 के कुंभ से पहले पूरा होगा काम

अधिकारियों के मुताबिक पिछले साल कुंभ के दौरान प्रयागराज की ओर जाने वाले सभी हाईवे पर लंबा जाम लगा था. इससे सबक लेते हुए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने इस नए हाईवे को प्लान किया है. एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक इस हाईवे को हर हाल में साल 2031 में लगने वाले कुंभ से पहले तैयार कर लिया जाएगा. कोशिश है कि 2024 जैसा जाम दोबारा ना लगे. यह हाईवे प्रयागराज से गुजरने वाला 10वां नेशनल हाईवे होगा.

धार्मिक कॉरिडोर बनेगा

अधिकारियों का मानना है कि इस हाईवे के बनने से लोगों का आवागमन तो बेहतर होगा ही, एक धार्मिक कॉरिडोर भी बन जाएगा. काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद लोग सहज तरीके से भरत मिलाप स्थली का भी भ्रमण कर सकेंगे. बल्कि एक ही दिन में अयोध्या, काशी, संगम नगरी प्रयागराज और चित्रकूट का भ्रमण भी संभव हो सकेगा. इस हाईवे से गंगा एक्सप्रेस वे की भी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है. इससे उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश में आर्थिक विकास को गति मिलेगा.