मनोज पांडेय के मंत्री बनने पर ‘मौर्य ‘ की टूटी ‘आशा’, सोशल मीडिया पर छलका दर्द; बोली- दल बदलुओं को…
उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट विस्तार में सपा के बागी मनोज पांडेय मंत्री बने. इससे भाजपा विधायक आशा मौर्य निराश हुईं, जिन्हें मंत्री पद की उम्मीद थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर दलबदलुओं को सम्मान दिया जा रहा है. आशा ने मौर्य समाज की अनदेखी का भी सवाल उठाया.
उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट का रविवार को दूसरा विस्तार हुआ. इसमें सपा के बागी और रायबरेली में ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय को मंत्री बनाया गया है. बीजेपी ने भले ही जातीय समीकरण साधने के लिए मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल में शामिल किया, लेकिन अब पार्टी के अंदर ही बगावत के सुर फूटने लगे हैं. महमूदाबाद से बीजेपी विधायक आशा मौर्य ने सोशल मीडिया पर पहले विस्फोटक पोस्ट किया, हालांकि बाद में उन्हें पोस्ट को एडिट तो किया, लेकिन इसमें अपना विरोध जाहिर कर दिया है.
दरअसल, बीजेपी विधायक आशा मौर्य को इस मंत्रिमंडल विस्तार में जगह मिलने की पूरी उम्मीद थी. तीन दिनों से लोग उन्हें बधाई व शुभकामनाएं भी दे रहे थे. लेकिन, उन्हें राजभवन से बुलावा नहीं आया. वहीं सपा में बगावत कर बीजेपी में शामिल हुए मनोज पांडेय को योगी कैबिनेट में जगह मिल गई. इस बात पर नाराजगी प्रकट करते हुए आशा मौर्य ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है. इसमें उन्होंने पार्टी के प्रति निष्ठा तो प्रकट की है, लेकिन समर्पित कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप भी लगाया है.
सोशल मीडिया पोस्ट में दिखाया तेवर
आशा मौर्य ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में वैसे तो मनोज पांडेय का नाम नहीं लिखा है, लेकिन उनका इशारे से जाहिर होता है कि वह किसे और क्या कहना चाहती हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं की अहमियत नहीं है. बल्कि बाहर से आए बागी और दल बदलुओं को सम्मान दिया जा रहा है. इसी के साथ उन्होंने अपनी पोस्ट में बधाई और शुभकामना देने वाले पत्रकारों और अपने शुभचिंतकों का आभार प्रकट किया है.
मौर्य समाज की उपेक्षा का आरोप
विधायक आशा मौर्य ने बिना नाम लिए मनोज पांडेय के मंत्री बनने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. लिखा कि आज बीजेपी में समर्पित व निष्ठावान कार्यकर्ताओं विशेषकर, मौर्य समाज की आवश्यकता नहीं दिखाई दे रही है. हालांकि बाद में उन्होंने इस पोस्ट को एडिट भी कर दिया. फिर भी उनकी पोस्ट में बीजेपी के सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले पर नाराजगी जाहिर हो रही है. कहा कि वह
35 साल से पार्टी की सेवा कर रही हैं. इसलिए उनके मन में पीड़ा है.