कार्यकर्ता बनाएंगे रील, CM योगी खुद करेंगे शेयर… 2027 चुनाव से पहले BJP का डिजिटल प्लान

उत्तर प्रदेश में चुनाव के लिए बीजेपी सोशल मीडिया को हथियार बना रही है. कार्यकर्ता स्थानीय मुद्दों पर रील बनाएंगे, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद साझा करेंगे. 27 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों से 10-10 रील बनेंगी, जिनमें से 25 हजार शॉर्टलिस्ट होंगी. यह 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है.

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी अब सोशल मीडिया को अपने प्रचार अभियान का बड़ा हथियार बनाने जा रही है. पार्टी कार्यकर्ताओं से स्थानीय मुद्दों, विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों से जुड़ी छोटी-छोटी वीडियो रील बनवाई जाएंगी. इनमें बेहतर रील को मुख्यमंत्री योगी भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर करेंगे.

बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की जो रियल सोशल मीडिया पर पोस्ट होगी उसको सीएम योगी आदित्यनाथ भी शेयर करेंगे. बीजेपी ने 27 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों को रील तैयार करने का लक्ष्य दिया है. हर शक्ति केंद्र से कम से कम 10 रील बनाने की योजना है. इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण और कंटेंट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी.

25 हजार कहानियां होंगी शॉर्टलिस्ट

यह पार्टी के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत एक चुनावी रिहर्सल है, जिसका लक्ष्य डिजिटल पहुंच बढ़ाना और जेन-जेड को जोड़ना है. रील में कार्यकर्ता स्थानीय स्तर पर हुए विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं का असर बताने वाले वीडियो तैयार करेंगे. इसके लिए लाभार्थियों से व्यक्तिगत संपर्क कर उनकी छोटी-छोटी वीडियो रिकॉर्ड की जाएंगी.

इन वीडियो में लाभार्थी का नाम, स्थान, जिला, योजना और उससे हुए बदलाव की जानकारी शामिल की जाएगी. करीब 60 सेकंड की रील तैयार कर सोशल मीडिया पर अपलोड की जाएगी. इसके बाद जिला स्तर से इन रील की निगरानी और छंटाई होगी. पार्टी का लक्ष्य 25 हजार कहानियों को शॉर्टलिस्ट करने का है, जिन्हें बड़े स्तर पर प्रचारित किया जाएगा.

PM मोदी के जन्मदिन से शुरू होगा अभियान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से बीजेपी का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू होने की तैयारी है. इसी अभियान के कार्यक्रमों में पहली बार रील बनाना अनिवार्य किया जाएगा. पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरे महीने चलने वाले कार्यक्रमों में रील तैयार करने के लिए सक्रिय किया जाएगा.

चुनावी रिहर्सल भी मानी जा रही रणनीति

भाजपा की इस डिजिटल रणनीति को सिर्फ प्रचार अभियान नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी रिहर्सल के तौर पर भी देखा जा रहा है. रील के जरिए पार्टी स्थानीय स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ाने के साथ यह भी परखना चाहती है कि किस इलाके में कौन-सा मुद्दा और किस तरह का कंटेंट मतदाताओं तक ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंच रहा है.

पार्टी की योजना राज्य स्तर के साथ-साथ हर जिले में डिजिटल डाटा बैंक तैयार करने की भी है. इससे अलग-अलग क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों, स्थानीय उपलब्धियों और प्रभावी वीडियो कंटेंट का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा.

युवा और जेन-जी को जोड़ने पर खास जोर

बीजेपी की रणनीति में युवा और जेन-जी को जोड़ने पर विशेष जोर है. पार्टी मानती है कि युवा वर्ग तक पारंपरिक प्रचार की तुलना में सोशल मीडिया रील और छोटे वीडियो ज्यादा तेजी से पहुंचते हैं. यही वजह है कि संगठन अब कार्यकर्ताओं को सिर्फ पोस्ट साझा करने के बजाय खुद कंटेंट तैयार करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है.

यानी 2027 के चुनावी मैदान में उतरने से पहले बीजेपी बूथ और शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन की डिजिटल ताकत को परखने जा रही है. कार्यकर्ता बनाएंगे रील, पार्टी करेगी छंटाई और मुख्यमंत्री तक पहुंचने वाली चुनिंदा कहानियां बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रचार का हिस्सा बनेंगी.

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