UP के 62 हजार शिक्षकों को मिलेगा एक और मौका! स्पेशल TET का रास्ता साफ; जानें पूरा पैटर्न

उत्तर प्रदेश के 62 हजार कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी का रास्ता साफ हो गया है. जल्द ही परीक्षा की तारीख घोषित होगी. इस टीईटी में 150 प्रश्न होंगे, ढाई घंटे का समय मिलेगा और सबसे महत्वपूर्ण, कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. सामान्य वर्ग को 90 अंक और आरक्षित वर्ग को 82 अंक लाने होंगे.

कार्यरत शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी का रास्ता साफ (प्रतीकात्मक तस्वीर)

उत्तर प्रदेश के हजारों कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करने की अनिवार्यता के बीच प्रदेश सरकार ने कार्यरत शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए स्पेशल टीईटी कराने की कार्ययोजना को मंजूरी दे दी है. अब उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग जल्द ही इसका विज्ञापन जारी कर परीक्षा की तारीख घोषित करेगा.

सरकार की कार्ययोजना के मुताबिक प्रदेश में करीब 56,818 कार्यरत शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें अभी विशेष टीईटी पास करना होगा. व्यापक तौर पर यह संख्या करीब 62 हजार बताई जा रही है. इससे पहले टीईटी में करीब 86 हजार कार्यरत शिक्षक सफल हो चुके हैं.

कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी अनिवार्य

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी पास करना अनिवार्य किया है. शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना होगा. इसी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे शिक्षकों के लिए अलग से विशेष टीईटी कराने का फैसला किया है, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को परीक्षा पास करने का एक विशेष अवसर मिल सके.

150 सवाल, 150 अंक और ढाई घंटे का समय

स्पेशल टीईटी का पेपर 150 बहुविकल्पीय प्रश्नों का होगा. प्रत्येक सवाल एक अंक का होगा और परीक्षा के लिए 150 मिनट यानी ढाई घंटे का समय मिलेगा. सबसे बड़ी राहत यह है कि गलत उत्तर के लिए निगेटिव मार्किंग नहीं होगी.

यानी अभ्यर्थियों को औसतन हर सवाल के लिए करीब एक मिनट मिलेगा. परीक्षा में भाषा से जुड़े विषयों को छोड़कर प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में उपलब्ध रहेगा.

पास होने के लिए कितने अंक जरूरी?

सामान्य वर्ग के शिक्षकों को 150 में से कम से कम 90 अंक यानी 60 प्रतिशत हासिल करने होंगे. वहीं एससी, एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 82 अंक यानी 55 प्रतिशत निर्धारित किए गए हैं. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के सामान्य अभ्यर्थियों के लिए भी 82 अंक पर पास होने का प्रावधान है.

कक्षा एक से पांच तक के शिक्षकों का पेपर

  • बाल विकास एवं शिक्षण विधि – 30 प्रश्न
  • प्रथम भाषा हिंदी – 30 प्रश्न
  • द्वितीय भाषा अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत – 30 प्रश्न
  • गणित – 30 प्रश्न
  • पर्यावरण अध्ययन – 30 प्रश्न

कक्षा छह से आठ के शिक्षकों का पेपर

उच्च प्राथमिक स्तर के लिए भी बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी और दूसरी भाषा के 30-30 प्रश्न होंगे. इसके अलावा शिक्षक के विषय के अनुसार गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/सामाजिक विज्ञान से सवाल पूछे जाएंगे. अन्य विषयों के शिक्षक निर्धारित विकल्पों में से विषय चुन सकेंगे.

पहली बार सिर्फ कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा

उत्तर प्रदेश में टीईटी की शुरुआत नवंबर 2011 में हुई थी. उस समय पहले से कार्यरत कई शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं था. अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इन्हीं शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के लिए परीक्षा देनी होगी. ऐसे में करीब डेढ़ दशक बाद प्रदेश में विशेष रूप से कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी आयोजित होने जा रही है.

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