रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 250 नई इलेक्ट्रिक बसें, योगी सरकार ने दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे दी है. इस परियोजना पर 425.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार और 25.50 करोड़ रुपये यूपीएसआरटीसी वहन करेगा. नई बसों में 100 बसें 50-सीटर और 150 बसें 41-सीटर होंगी. इनका संचालन प्रमुख शहरों, धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर किया जाएगा.

250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी Image Credit: फाइल फोटो

उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को मंजूरी दे दी गई है. इन बसों की खरीद पर 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा.

कैबिनेट के फैसले के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूपी रोडवेज के बेड़े में कुल 250 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएंगी. इनमें दो श्रेणियों की बसें खरीदी जाएंगी. पहली- 100 इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर, 3×2 टाइप-II, 50 सीटर)
और दूसरा- 150 इलेक्ट्रिक बसें (12 मीटर, 2×2 टाइप-III, 41 सीटर). इन बसों का संचालन प्रदेश के प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों और लंबी दूरी के महत्वपूर्ण मार्गों पर किया जाएगा.

425.50 करोड़ रुपये होगी कुल लागत

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस परियोजना पर कुल 425.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी और 25.50 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) अपने संसाधनों से वहन करेगा. सरकार का कहना है कि यह निवेश प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

उत्तर प्रदेश के निर्माताओं को मिलेगी प्राथमिकता

कैबिनेट ने इलेक्ट्रिक बसों की खरीद में एक और अहम फैसला लिया है. नई बसों की खरीद के दौरान उत्तर प्रदेश के मैन्युफैक्चरर्स (निर्माताओं) को प्राथमिकता दी जाएगी. इस निर्णय का उद्देश्य केवल बस खरीदना नहीं, बल्कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देना है. इससे प्रदेश के ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है. इससे स्थानीय कंपनियों को बड़े सरकारी ऑर्डर मिलेंगे और निवेश तथा उत्पादन दोनों में वृद्धि होगी.

रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे

250 नई बसों के संचालन से केवल परिवहन व्यवस्था ही मजबूत नहीं होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. इनमें प्रमुख रूप से बस चालक, परिचालक, तकनीकी कर्मचारी, इलेक्ट्रिक वाहन रखरखाव विशेषज्ञ और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कर्मचारी को रोजगार मिलने की संभावना है. इसके अलावा बस अड्डों, ढाबों, रेस्टोरेंट, सर्विस सेंटर और अन्य यात्री सुविधाओं से जुड़े व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा, जिससे अप्रत्यक्ष रोजगार में भी वृद्धि होगी.

Follow Us