यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा 6.5% ब्याज, जानिए कब और कैसे?
उत्तर प्रदेश के करीब 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. बिजली कनेक्शन लेते समय जमा की गई सिक्योरिटी राशि पर अब 6.50 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा, जिसे सीधे बिजली बिल में समायोजित किया जाएगा. प्रदेश में उपभोक्ताओं की कुल सिक्योरिटी जमा राशि लगभग 4,616 करोड़ रुपये है.
उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है. अब बिजली कनेक्शन लेते समय जमा की गई सिक्योरिटी राशि पर उपभोक्ताओं को 6.50 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलेगा. यह रकम सीधे उनके बिजली बिल में समायोजित की जाएगी. हालांकि इस बार अप्रैल और मई में मिलने वाला यह लाभ अब तक उपभोक्ताओं के खातों में नहीं पहुंचा है, जिससे सवाल भी उठ रहे हैं. आखिर क्या है यह सिक्योरिटी डिपॉजिट और किसे मिलेगा फायदा?
अगर आपके घर, दुकान या संस्थान में बिजली का कनेक्शन है, तो आपने कभी न कभी सिक्योरिटी डिपॉजिट जरूर जमा किया होगा. बिजली विभाग उपभोक्ताओं से यह राशि भविष्य की बिजली खपत को देखते हुए सुरक्षा जमा के रूप में लेता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस जमा रकम पर हर साल ब्याज भी मिलता है. यूपी में इस समय करीब 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ता हैं. इन उपभोक्ताओं की कुल जमा सिक्योरिटी राशि लगभग 4,616 करोड़ रुपये है.
अभी तक ब्याज नहीं मिला
नियमों के मुताबिक, इस राशि पर मौजूदा बैंक दर के हिसाब से 6.50 प्रतिशत ब्याज दिया जाना है. बिजली उपभोक्ताओं को यह ब्याज नकद नहीं मिलता, बल्कि उनके बिजली बिल में समायोजित कर दिया जाता है. यानी जिस महीने यह क्रेडिट होगा, उस महीने का बिजली बिल कम हो जाएगा. आम तौर पर यह समायोजन अप्रैल, मई या जून के बिल में किया जाता है, लेकिन इस बार जून की बिलिंग शुरू होने के बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को ब्याज का लाभ नहीं मिला है.
कितना मिलता है पैसा?
उपभोक्ता संगठनों का दावा है कि करीब 300 करोड़ रुपये की ब्याज राशि अभी तक उपभोक्ताओं के खातों में समायोजित नहीं की गई है. उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता की सिक्योरिटी जमा राशि 10 हजार रुपये है, तो उसे सालाना करीब 650 रुपये का ब्याज मिलेगा. इसी तरह 20 हजार रुपये जमा होने पर करीब 1300 रुपये का फायदा हो सकता है. यह लाभ घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उन उपभोक्ताओं को मिलता है.
जल्द मिल सकता है पैसा
बिजली बिलों को लेकर हाल के दिनों में पहले ही काफी चर्चा रही है. जून महीने में लागू किए गए एफपीपीएएस यानी फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज को लेकर भी विवाद हुआ था. ऐसे में उपभोक्ताओं की नजर अब सिक्योरिटी डिपॉजिट के ब्याज पर टिकी हुई है. यह ब्याज उस पैसे पर मिलता है, जिसे आपने नकद, चेक या बैंक ड्राफ्ट के जरिए जमा की है. ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत पात्र उपभोक्ताओं को ब्याज का लाभ मिलेगा.,
यानि अगर आपने बिजली कनेक्शन के समय सिक्योरिटी राशि जमा की है, तो अपने अगले बिजली बिल को ध्यान से जरूर देखिए. हो सकता है उसमें आपकी जमा रकम पर मिलने वाला 6.50 प्रतिशत ब्याज जुड़ा हो और आपका बिल कुछ कम हो जाए.
