असद पर चुप्पी, फिर कमलेश बिंद को लेकर क्यों मुखर है सपा? UP में एनकाउंटर पर राजनीति की इनसाइड स्टोरी
यूपी में दो एनकाउंटर हुए, लेकिन समाजवादी पार्टी गाजियाबाद में असद के एनकाउंटर पर तो चुप रही, लेकिन गाजीपुर में कमलेश बिंद के मामले में मुखर होकर सरकार को घेर रही है. इसका मुख्य कारण निषाद वोटबैंक की राजनीति है. सपा, कमलेश बिंद के बहाने निषाद समुदाय को साधना चाहती है, जबकि असद के मामले में वीडियो सामने आने से बैकफुट पर थी.
गाजियाबाद के सूर्या हत्याकांड के आरोपी असद के एनकाउंटर पर भले ही सपा के छोटे नेताओं ने बयान दिया, लेकिन सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव या कोई अन्य बड़ा नेता सामने नहीं आया. वहीं गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश बिंद के एनकाउंटर पर अखिलेश यादव ही नहीं, उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव, सपा महासचिव शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव ने भी बयान दिया है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि यूपी में दो एनकाउंटर हुए, लेकिन सपा केवल एक ही एनकाउंटर को लेकर मुखर क्यों है? आइए, इसी सवाल का जवाब ढंढने की कोशिश करते हैं.
शुरूआत गाजियाबाद से ही करते हैं. सूत्रों के मुताबिक सपा में असद के एनकाउंटर का भी मुखर विरोध करने की रणनीति बनी थी. तय हुआ था कि इस एनकाउंटर को मुस्लिम कम्यूनिटी के खिलाफ बताकर भाजपा और उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला किया जाएगा, लेकिन तभी सूर्या हत्याकांड का वीडियो सामने आ गया. ऐसी स्थिति में सपा बैकफुट पर आ गई. बावजूद इसके सपा के लोकल नेताओं ने हल्का फुल्का विरोध करने की कोशिश की थी.
कमलेश बिंद का मामला अलग क्यों?
विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश बिंद का मामला थोड़ा अलग है. इसमें भले ही कमलेश बिंद हिस्ट्रीशीटर है, लेकिन उसके नाम पर निषाद वोटबैंक को रिझाया जा सकता है. इसलिए अखिलेश यादव और डिंपल यादव समेत सपा के सभी बड़े नेता कमलेश बिंद के परिजनों के बयान के आधार पर इस मु्द्दे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं. सपा सांसद डिंपल यादव ने भी कहा है कि जब कमलेश बिंद को पकड़ लिया गया था तो एनकाउंटर क्यों किया गया.
संजय निषाद भी सीएम से मिले
निषाद वोटबैंक को भुनाने में जुटी सपा को देखकर एनडीए गठबंधन और उत्तर प्रदेश सरकार में शामिल संजय निषाद भी एक्टिव हो गए हैं. उन्होंने शनिवार को सीएम योगी से मुलाकात की और कमलेश निषाद के एनकाउंटर की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की. माना जा रहा है कि सपा के एक्टिव होने से संजय निषाद को अपने जाति का वोट बैंक खिसकने का डर सताने लगा है. इसलिए वह खुद भी गाजीपुर पहुंचे थे.
कमलेश के परिजनों ने भी उठाए थे सवाल
कमलेश बिंद के परिजनों ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाया था. कमलेश की नवविवाहिता पत्नी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पांच दिन पहले घर में दबिश देकर कमलेश को उठाया था और पांच दिन बाद उसका एनकाउंटर कर दिया गया. कमलेश की पत्नी ने इस एनकाउंटर को हत्या करार दिया था. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी जातीय समीकरण साधते हुए कहा था कि सीएम योगी की पुलिस ने जाति विशेष को टारगेट करते हुए हत्या कर रही है.
‘टोंटी चोर’ पर भड़की सपा
सीएम योगी ने एक सभा में सार्वजनिक तौर पर व्यंग करते हुए टोंटी चोरी होने का जिक्र किया था. राजनीतिक हलके में चर्चा है कि यह व्यंग सीधे अखिलेश यादव पर किया गया था. अखिलेश ने भी इस बयान पर पलटवार किया और इशारे-इशारे में ही उन्होंने सीएम योगी पर करारा प्रहार किया. कहा कि ‘वनस्पति बुद्धि हर लेती है’.
