यूपी में फायर NOC के बिना नहीं मिलेगा बिजली कनेक्शन, सरकार का बड़ा फैसला
लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने फायर सेफ्टी नियमों को और सख्त कर दिया है. अब जिन भवनों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है, उन्हें बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के नया बिजली कनेक्शन और व्यवसाय लाइसेंस नहीं मिलेगा. विकास प्राधिकरण, नगर निगम, फायर विभाग और बिजली विभाग का डेटा ऑनलाइन जोड़ा जाएगा, ताकि बिना वैध एनओसी किसी भी व्यावसायिक भवन का संचालन न हो सके.
लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अग्नि सुरक्षा नियमों को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है. अब प्रदेश में किसी भी व्यावसायिक भवन, संस्थान या निर्धारित श्रेणी की इमारत को अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) के बिना न तो बिजली का नया कनेक्शन मिलेगा और न ही व्यवसाय संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस जारी किया जाएगा.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस संबंध में शासन स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर दी गई है. गृह विभाग और आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि फायर सेफ्टी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जा सके. 23 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेशभर में फायर सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा की थी.
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जारी हुई गाइडलाइन
बैठक में सार्वजनिक भवनों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों, मॉल, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गहरी चिंता जताई गई थी. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि भविष्य में बिना फायर एनओसी के किसी भी भवन या व्यवसाय को संचालन की अनुमति न दी जाए. इसी बैठक के निर्णयों के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद ने विभिन्न विभागों को बैठक की कार्यवृत्त जारी की है.
प्रमुख सचिव ने सभी विकास प्राधिकरणों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव पी गुरूप्रसाद ने प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों, आवास आयुक्त और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों को शासनादेश जारी किया है. इस आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि फायर विभाग, विकास प्राधिकरण, नगर निगम और बिजली विभाग के रिकॉर्ड एवं दस्तावेजों को एकीकृत किया जाए, ताकि किसी भी भवन को बिना फायर एनओसी के बिजली कनेक्शन न मिल सकें.
हर जिले में बनेगी टास्क फोर्स, चलेगा सेफ्टी ऑडिट अभियान
सरकार ने सभी जिलों में टास्क फोर्स गठित कर व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. इसके तहत अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, शॉपिंग मॉल, बहुमंजिला इमारतों, सरकारी कार्यालयों, छात्रावासों तथा अन्य व्यावसायिक और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जांच कर अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा.
दस्तावेज होंगे ऑनलाइन लिंक
सरकार की योजना विभिन्न विभागों के बीच डिजिटल समन्वय स्थापित करने की है. इसके तहत विकास प्राधिकरण, नगर निगम, अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग का डेटा आपस में जोड़ा जाएगा. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद यदि किसी भवन के पास वैध फायर एनओसी नहीं होगी तो संबंधित विभाग स्वतः उसकी जानकारी देख सकेंगे और बिजली कनेक्शन या व्यवसाय लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा. इससे फर्जी दस्तावेजों और नियमों की अनदेखी की संभावनाएं भी काफी हद तक कम हो जाएंगी.
बिना फायर एनओसी नहीं चलेगा कारोबार
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन संस्थानों के लिए फायर एनओसी अनिवार्य है, उन्हें अब सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा. होटल, गेस्ट हाउस, बैंक्वेट हॉल, अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, मॉल, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और बहुमंजिला इमारतों को निर्धारित मानकों के अनुसार अग्निशमन विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य होगा. यदि कोई संस्था बिना एनओसी के संचालित होती पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निरस्त करने, बिजली कनेक्शन रोकने और भवन सील करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं.