बार-बार एक्सीडेंट करने वाले वाहन होंगे ‘कंडम’, ड्राइवर का लाइसेंस भी होगा रद्द

उत्तर प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों पर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. बार-बार दुर्घटनाओं में शामिल होने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर उन्हें स्क्रैप घोषित किया जाएगा, जबकि संबंधित चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में इस संबंध में सभी विभागों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

हादसों के हिस्ट्रीशीटर वाहनों पर नकेल कसने की तैयारी Image Credit: AI Generated

उत्तर प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और मौतों के आंकड़ों ने योगी सरकार की चिंता बढ़ा दी है. अब सरकार ने ऐसे वाहनों और चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है, जो बार-बार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं. ऐसे वाहनों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर उन्हें कंडम (स्क्रैप) घोषित किया जाएगा, जबकि संबंधित चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे. सभी विभागों को इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में बढ़ती मौतों पर चिंता जताते हुए कहा था कि एक ही वाहन के बार-बार हादसों में शामिल होने के मामलों में सख्ती बरती जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे वाहनों को जब्त कर नियमानुसार स्क्रैप कराया जाए और संबंधित चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई हो.

बढ़ता जा रहा है मौत का आंकड़ा

प्रदेश में सड़क हादसों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. वर्ष 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में 24,118 लोगों की मौत हुई थी. 2025 में यह संख्या बढ़कर 27,205 पहुंच गई. वहीं, जनवरी से मई 2026 के बीच ही 2,782 लोगों की जान जा चुकी है, जो पिछले साल की समान अवधि से अधिक है.

क्या कार्रवाई की जाएगी?

सरकार का मानना है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जवाबदेही तय किए बिना इन आंकड़ों में कमी लाना मुश्किल होगा. ऐसे में अब बार-बार दुर्घटना करने वाले वाहनों का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा. संबंधित चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जाएगा. वाहन का रजिस्ट्रेशन (RC) रद्द किया जाएगा.

इसके साथ ही वाहन को जब्त कर कंडम घोषित करते हुए स्क्रैप कराया जाएगा. ट्रैफिक नियमों के लगातार उल्लंघन करने वालों पर भी इसी तरह की कार्रवाई संभव होगी. मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 की धारा 53, 54 और 55 के तहत परिवहन अधिकारियों को ऐसे मामलों में लाइसेंस और वाहन पंजीकरण निरस्त करने का अधिकार प्राप्त है. हालांकि अब तक इस प्रावधान का सीमित इस्तेमाल हुआ है, लेकिन सीएम के निर्देशों के बाद इसके सख्ती से पालन की तैयारी की जा रही है.

Follow Us