यूपी में एक और शहर का बदला नाम, जलालाबाद अब ‘परशुरामपुरी’, जानिए क्यों?

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में कुल 27 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक में धार्मिक, आर्थिक, खेल, पशुपालन और श्रमिक कल्याण से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए. इनमें शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदले जाने का प्रस्ताव भी शामिल है.

यूपी कैबिनेट की बैठक में 27 अहम प्रस्तावों को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई यूपी कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इनमें शाहजहांपुर जिले की नगर पालिका परिषद जलालाबाद का नाम ‘परशुरामपुरी” करने को मंजूरी दी गई है. सरकार के अनुसार, जलालाबाद भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध है और इसका उल्लेख पौराणिक ग्रंथों में भी मिलता है.

प्रेस नोट के मुताबिक, यह फैसला स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के आधार पर लिया गया है. सरकार के अनुसार, भारत सरकार ने भी इस प्रस्ताव पर 19 अगस्त 2025 को ही अनापत्ति प्रदान कर दी थी. यह निर्णय क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

स्टार्टअप और डेटा सेंटर नीति को मंजूरी

आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन’ की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 और उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026 को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है. साथ ही कैबिनेट ने पशुपालकों के लिए अहम प्रस्ताव पास किए.

मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा को मंजूरी

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना को मंजूरी दे दी गई है. यह योजना प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी. इसके तहत लघु एवं सीमांत किसान, पशुपालक और डेयरी संचालकों के पशुओं का बीमा कराया जाएगा. योजना में 85% प्रीमियम राज्य सरकार और 15% लाभार्थी द्वारा वहन किया जाएगा.

खिलाड़ियों को मिलेगी सीधी सरकारी नौकरी

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया से बाहर रखते हुए सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति दी जाएगी. इसके तहत क्रीड़ाधिकारी के 9, जिला युवा कल्याण अधिकारी के 3 और उप क्रीड़ाधिकारी के 23 पदों पर भर्ती की जाएगी.

गोरखपुर, मुरादाबाद और वाराणसी को बड़ी सौगात

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि प्रदेश के श्रमिकों के बेहतर उपचार के लिए गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के अस्पताल और वाराणसी में ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसके लिए गोरखपुर और मुरादाबाद में 5-5 एकड़ और वाराणसी में 13 एकड़ भूमि भारत सरकार को निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी.

उन्होंने बताया कि वाराणसी में बनने वाले ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 प्रतिशत सीटें श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी, जबकि 18 प्रतिशत सीटों पर राज्य सरकार और 7 प्रतिशत सीटों पर केंद्र सरकार चयन करेगी.

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