‘हमारी सरकार बनी तो IAS बनवा दूंगा…’, मथुरा में सपा नेता पर FIR, महिला बैंककर्मी को परेशान करने का आरोप
मथुरा में सपा नेता राजन रिजवी पर एक महिला बैंककर्मी का पीछा करना, व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने का आरोप लगा है. महिला की शिकायत पर पुलिस ने IT एक्ट में मामला दर्ज किया है. इससे पहले सपा ने उन्हें पार्टी से पदमुक्त कर दिया था.
मथुरा में सपा नेता डॉ. राजन रिजवी पर एक महिला बैंककर्मी को कथित तौर पर अवांछित और आपत्तिजनक व्हाट्सएप मैसेज भेजने के आरोप लगे हैं. महिला की शिकायत पर शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. मामले से जुड़ी कथित व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह प्रकरण चर्चा में है.
शिकायत के अनुसार, महिला बैंककर्मी की मुलाकात राजन रिजवी से बैंक संबंधी काम के दौरान हुई थी. महिला का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने उसका निजी मोबाइल नंबर हासिल कर लगातार मैसेज भेजने शुरू कर दिए. महिला ने इन संदेशों को असहज करने वाला बताते हुए नंबर ब्लॉक कर दिया. लेकिन फिर वह बैंक में पहुंचकर उन्हें तंग करने लगे.
‘सपा की सरकार बनी तो IAS बनवा दूंगा’
वायरल कथित चैट में राजन रिजवी की ओर से महिला की सुंदरता, व्यक्तित्व और काम की तारीफ की गई है. इसके बाद संदेश में कथित तौर पर कहा गया कि यदि भविष्य में सपा की सरकार बनती है तो मुख्यमंत्री से कहकर महिला को डेपुटेशन के आधार पर IAS बनवाने की कोशिश की जाएगी.
महिला का आरोप है कि नंबर ब्लॉक करने के बाद भी उनकी निजी जानकारी जुटाने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश की गई. पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर राजन रिजवी के खिलाफ पुलिस ने कोतवाली में सूचना प्रोधौगिकी (संशोधन) अधिनियम 2008 की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
सपा के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासुचिव थे
महिला का आरोप है कि लगातार मैसेज भेजने के बाद नंबर ब्लॉक कर दिया. इसके बाद भी सपा नेता ने उनका पीछा करना नहीं छोड़ा. वह एक दिन देर रात 9:30 बजे उनके पारिवारिक आवास/वन कलोनी के अंदर देखे गए. सपा नेता पर आरोप है कि उन्होंने महिला के परिवार के वाहन चालक से भी पूछताछ की. कई बार बैंक के सामने खड़े भी होते थे.
राजन रिजवी समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश महासुचिव थे. बीते 9 सितंबर को सपा ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पद मुक्त कर दिया. मामला सामने आने के बाद कथित चैट को लेकर राजनीतिक चर्चा भी तेज हुई है. हालांकि, वायरल चैट की प्रामाणिकता और लगाए गए सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच के बाद ही होगा.