जनता को जहर खिला रहे थे मेरठ के ये दो सगे भाई, दो फैक्ट्रियों से 2800 किलो नकली पनीर बरामद
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेरठ में दो सगे भाइयों की फैक्ट्रीज से 2800 किलो नकली पनीर बरामद किया है.अधिकारियों के मुताबिक यह पनीर बेहद सफाई से तैयार किया जा रहा था. नकली पनीर असली से भी ज्यादा सफेद और आकर्षक दिखाई दे रहा था. खुली आंखों से इस पनीर की असलियत की पहचान करना बेहद कठिन है.
मेरठ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों पर एक बड़ी कार्रवाई की है. विभाग ने मेरठ में नकली पनीर के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है. यहां के जानी थाना क्षेत्र के नंगला कुंभा गांव में चल रही दो फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर करीब 28 क्विंटल (2800 किलो से अधिक) मिलावटी पनीर बरामद किया गया है. यह पनीर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड तक सप्लाई किया जा रहा था.
जनता को जहर खिला रहे थे ये दो सगे भाई
यह कार्रवाई चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर वी.के. राठी के नेतृत्व में की गई. इसमें फूड सेफ्टी ऑफिसर विशाल चौधरी और उनकी टीम शामिल रही. टीम ने गांव में स्थित जाबिद और हामिद नामक सगे भाइयों की दो अलग-अलग फैक्ट्रियों पर छापा मारा. जांच में जाबिद की फैक्ट्री से लगभग 12 क्विंटल और हामिद की फैक्ट्री से करीब 16 क्विंटल नकली पनीर बरामद हुआ.
खुली आंखों से असली-नकली की पहचान मुश्किल
अधिकारियों के मुताबिक यह पनीर बेहद सफाई से तैयार किया जा रहा था. नकली पनीर असली से भी ज्यादा सफेद और आकर्षक दिखाई दे रहा था. जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों द्वारा पनीर बनाने के लिए सपरेटा दूध का इस्तेमाल किया जा रहा था, उसमें फैट बढ़ाने के लिए रिफाइंड तेल के साथ खतरनाक रसायनों का मिश्रण मिलाया जा रहा था. जब पनीर बन कर तैयार होता तो देखने में बिल्कुल असली दिखता था. आरोपियों की फैक्ट्री से हर रोज कई किलो पनीर बिकता था.
लिवर-किडनी के जानलेवा केमिकल युक्त पनीर
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के केमिकल युक्त पनीर का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इससे लिवर, किडनी और पाचन तंत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है. लंबे समय तक इसका सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता है.
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तैयार नकली पनीर की बड़ी खेप को दिल्ली, उत्तराखंड और एनसीआर के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जा रहा था.
पनीर के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए
फिलहाल विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था. इसके तार किन-किन जगहों से जुड़े हैं.छापेमारी के दौरान दोनों फैक्ट्रियों को सील कर दिया गया है. आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही बरामद पनीर के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं. फूड डिपार्टमेंट ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है.
