बड़ी खुशखबरी! गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी यह रोड, लाखों लोगों को होगा फायदा

मेरठ और हापुड़ के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है. गंगा एक्सप्रेसवे को हापुड़-किठौर मार्ग से जोड़ने के लिए नए इंटरचेंज के निर्माण को मंजूरी मिल गई है. जिला प्रशासन और यूपीडा ने मेरठ के शाफियाबाद लौती और अटौला गांव की सीमा में इंटरचेंज बनाने का फैसला लिया है. इसके बाद मेरठ, किठौर, हापुड़ और आसपास के हजारों गांवों के लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच मिल सकेगी. स्थानीय किसानों, व्यापारियों और ग्रामीणों की लंबे समय से यह मांग थी.

गंगा एक्सप्रेसवे (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मेरठ और हापुड़ के लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. गंगा एक्सप्रेसवे को अब हापुड़-किठौर मार्ग से जोड़ने का फैसला लिया गया है. लंबे समय से क्षेत्रीय लोग और किसान इस मांग को उठा रहे थे, जिसे अब यूपीडा और जिला प्रशासन ने मंजूरी दे दी है. इंटरचेंज बनने के बाद मेरठ, किठौर, हापुड़ और आसपास के इलाकों के लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधी पहुंच मिलेगी. आखिर क्या है पूरा प्रोजेक्ट और इससे क्षेत्र को कितना फायदा होगा?

जिला प्रशासन और यूपीडा ने क्षेत्रीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मेरठ के शाफियाबाद लौती और अटौला गांव की सीमा में एक नए इंटरचेंज के निर्माण का फैसला लिया है. इस इंटरचेंज के बन जाने से मेरठ, किठौर, हापुड़ और आसपास के हजारों गांवों के लोगों को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंच मिल सकेगी. करीब डेढ़ महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था.

किसानों-व्यापारियों ने की थी मांग

गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद से इस पर वाहनों का संचालन लगातार जारी है और अब टोल वसूली भी शुरू हो चुकी है, लेकिन स्थानीय लोगों की शिकायत थी कि एक्सप्रेसवे उनके क्षेत्र के ऊपर से गुजरने के बावजूद उन्हें सीधा प्रवेश नहीं मिल रहा है. हापुड़-किठौर मार्ग पर रहने वाले किसानों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और यूपीडा के सामने लगातार यह मांग रखी कि इस मार्ग को भी एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाए.

41 हजार 393 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत

मेरठ के जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह के मुताबिक, यूपीडा के अधिकारियों ने हाल ही में क्षेत्र का दौरा किया और किसानों के साथ विस्तृत बातचीत की. किसानों की सहमति और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से प्रस्तावित अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है. अब नए अलाइनमेंट के तहत इंटरचेंज का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इस परियोजना के लिए करीब 41 हजार 393 वर्ग मीटर भूमि की आवश्यकता होगी.

‘समय और खर्च दोनों कम होंगे’

इसकी खरीद किसानों की सहमति के आधार पर की जाएगी. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इंटरचेंज बनने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी. अभी लोगों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन नया इंटरचेंज बनने के बाद यात्रा का समय और खर्च दोनों कम होंगे. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 594 किलोमीटर लंबा है और इसे उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ माना जा रहा है.

जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी करने में जुटा प्रशासन

गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच तेज संपर्क स्थापित हुआ है. अब हापुड़-किठौर क्षेत्र को सीधे जोड़ने का फैसला इस परियोजना को और अधिक उपयोगी बनाने वाला माना जा रहा है. फिलहाल जिला प्रशासन जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है. इसके बाद यूपीडा इंटरचेंज निर्माण का काम शुरू करेगा. यानी आने वाले समय में मेरठ और हापुड़ क्षेत्र के लाखों लोगों को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने की बड़ी सौगात मिलने जा रही है.

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