तलाक पर जश्न… जज पिता ने कोर्ट से घर तक बजवाए ढोल-नगाड़े, फूल बरसा कर किया बेटी का स्वागत
मेरठ में एक रिटायर्ड जज ने बेटी के तलाक पर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया, जिसने सामाजिक सोच को चुनौती दी है. उनका कहना है कि 'बेटी बोझ नहीं होती'. इस घटना की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो दर्शाती हैं कि बेटी को सम्मान और खुशी के साथ घर वापस लाना चाहिए, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों. यह महिलाओं के सशक्तिकरण का एक नया संदेश है.
उत्तर प्रदेश के मेरठ में शनिवार को एक दिल को छू लेने वाली घटना हुई है. आम तौर पर जब किसी बेटी का तलाक होता है तो परिवार दुख में होता है, लेकिन यहां एक जज पिता ने ढोल नगाड़े बजवाए और भव्य स्वागत करते हुए कहा कि बेटी बोझ नहीं है. इस घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हो रही हैं. इस घटना ने ना केवल समाज की रुढिवादी सोच पर कड़ा प्रहार किया है, बल्कि लोगों को सोचने के लिए भी मजबूर कर दिया है. मामला मेरठ के शास्त्री नगर का है.
जानकारी के मताबिक यहां रहने वाली एक युवती प्रणिता की शादी साल 2018 में शाहजहांपुर के रहने वाले मेजर गौरव अग्निहोत्री के साथ हुई थी. शादी के बाद कुछ समय तक तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में खटपट होने लगी. आरोप है कि इन 7-8 सालों में प्रणिता को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा. इसी बीच उसे एक बेटा भी हुआ, लेकिन ससुराल पक्ष के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ.
ढोल नगाड़े बजाकर स्वागत
आखिर में प्रणिता ने मेरठ के फेमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई. जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी है. कोर्ट का फैसला आते ही प्रणिता के पिता ने बेटी का भव्य स्वागत किया और ढोल नगाड़े बजाते हुए नाचते गाते अपने घर तक आए. इस दौरान सबसे खास बात यह थी कि प्रणिता के घर के सभी लोग काली टी-शर्ट पहन रखी थी. जिस पर लिखा हुआ था कि ‘आई लव माय डॉटर’.
रिटायर्ड जज की बेटी हैं प्रणिता
प्रणिता मेरठ में रहने वाले रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा की बेटी हैं. तलाक मिलने के बाद उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कोई वस्तु नहीं है, वह उनके परिवार का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि तलाक में उनकी बेटी ने कोई एलीमनी या शादी में दिया गया सामान वापस नहीं लिया है. कहा कि शादी के वक्त उनकी बेटी गाजे बाजे के साथ विदा हुई थी, अब उसकी वापसी भी उन्होंने गाजे बाजे के साथ ही कराई है.
