गजब हाल है! थाने की जमीन पर ही बना दी मस्जिद, अब 7 दिन में तोड़ने होंगे अवैध निर्माण
मेरठ के खरखौदा थाने की जमीन पर बनी 'थाने वाली मस्जिद' को हटाने के लिए पुलिस ने 7 दिन का नोटिस जारी किया है. राजस्व विभाग की जांच में साफ हो गया है कि यह मस्जिद थाने की जमीन पर अतिक्रमण करके बनाई गई है. हालांकि मस्जिद कमेटी वक्फ संपत्ति का दावा कर रही है, लेकिन निर्धारित समय में कोई दस्तावेज पेश नहीं कर पाई.
अतिक्रमण करने वाले कहीं भी जमीन कब्जा कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश के मेरठ में ही अतिक्रमणकारियों ने थाने की ही जमीन कब्जा कर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण कर दिया. यही नहीं मस्जिद का नाम भी थाने वाली मस्जिद रख दिया. पुलिस ने राजस्व विभाग से मामले की जांच कराई और अतिक्रमण की पुष्टि होने पर 7 दिन के अंदर मस्जिद को हटा लेने का नोटिस जारी किया है. मामला मेरठ के खरखौदा थाना परिसर का है.
पुलिस के मुताबिक नोटिस जारी करने से पहले मस्जिद कमेटी को अपनी बात रखने का पूरा समय दिया गया. उन्हें इस जमीन के मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज पेश करने को कहा गया. लेकिन निर्धारित समय के अंदर मस्जिद कमेटी ने कोई दस्तावेज पेश नहीं किया, बल्कि कमेटी के लोग मौखिक रूप से इस जमीन को वक्फ संपत्ति बताते रहे. ऐसे में पुलिस ने मस्जिद के इमाम को सात दिन की मुहल्लत देते हुए अवैध निर्माण को हटा लेने का फरमान सुनाया है.
रविवार तक था पक्ष रखने का समय
पुलिस अधिकारियों के अनुसार खरखौदा थाना परिसर में बनी थाने वाली मस्जिद की पैमाइश कराई गई है. इसमें पाया गया है कि मस्जिद थाने के लिए अधिग्रहित जमीन पर बनी है. राजस्व रिकार्ड के आधार पर मस्जिद के इमाम को नोटिस दिया गया. उन्हें इस जमीन की मल्कियत साबित करने को कहा गया. इसके लिए उन्हें रविवार की शाम तक का वक्त दिया गया था. लेकिन अभी तक मस्जिद के इमाम ने ऐसा कोई दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया है.
एक्शन में पुलिस
इसके बाद पुलिस ने भी मस्जिद के इमाम को फाइनल नोटिस देते हुए सात दिन के अंदर अवैध निर्माण हटा लेने को कहा है. बता दें कि मेरठ-बुलंदशहर मार्ग पर स्थित खरखौदा थाने का इतिहास आजादी से भी पहले का है. सीओ किठौर प्रमोद कुमार सिंह के मुताबिक राजस्व अभिलेखों में खसरा संख्या 1217 की 6,450 वर्ग मीटर भूमि लंबे समय से थाना परिसर के नाम से दर्ज है. अधिकारियों का कहना है कि इसी भूमि पर बाद में कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर मस्जिद का निर्माण करा लिया.
इमाम बोले- वक्फ की जमीन पर मस्जिद
मेरठ में एसपी ग्रामीण अभिजीत कुमार के मुताबिक मस्जिद कई वर्ष पुरानी तो है, लेकिन थाने की जमीन पर बनी है. यह खुलासा राजस्व रिकार्ड में दर्ज थाने की जमीन की पैमाइश में हुआ है. इसके बाद ही इमाम को नोटिस दिया गया है. उधर, मस्जिद के इमाम अब्दुल गफ्फार ने बताया कि यह जमीन वर्ष 1985 में ही वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज हो गई थी. इसके प्रमाण भी उनके पास उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि संबंधित दस्तावेज पहले ही पुलिस को दिए जा चुके हैं.