मिर्जापुर की बेटियों का कमाल, 30 हजार में बनाया स्मार्ट ब्रेसलेट, मुसीबत में परिवार और पुलिस को भेज देगा आपकी लोकेशन
मिर्जापुर की 4 छात्राओं ने मिलकर महिलाओं और लड़कियों के लिए एक ऐसा ब्रेसलेट तैयार किया है जिसे किसी भी मोबाइल फोन के ब्लूटूथ से कनेक्ट किया जा सकता है. इसमें एक बटन लगा है. मुसीबत आने पर इस बटन को दबाने से पुलिस के साथ-साथ इसमें सेट किए गए 5 नंबरों पर अलर्ट के साथ-साथ लोकेशन भी चला जाएगा. इससे समय रहते तत्काल महिलाओं को मदद मिल जाएगी.
मिर्जापुर जिले में कछवा क्षेत्र स्थित स्वामी विवेकानंद एकेडमी की चार छात्राओं ने महिलाओं की सेफ्टी के लिए एक कमाल का ब्रेसलेट तैयार किया है. यह ब्रेसलेट महिलाओं को मनचलों की छेड़खानी से बचाने में मदद करेगा. अगर किसी ने महिलाओं को परेशान किया तो इसमें दिए गए एक बटन को टच करते उनकी लोकेशन और ऑडियो रिकॉर्डिंग तुरंत परिवार और पुलिस के पास पहुंच जाएगी. छात्राओं ने इसका नाम स्मार्ट वीमेन सेफ्टी ब्रेसलेट दिया है. इससे महिलाओं के साथ हो रहे अपराध में कमी आ सकती है.
चार छात्राएं सृष्टि तिवारी, याजशवि,तृषा मिश्रा और मुस्कान ने मिलकर इस ब्रेसलेट जैसे डिवाइस को तैयार किया है. महिलाएं इस डिवाइस को किसी भी मोबाइल फोन के ब्लूटूथ से कनेक्ट किया जा सकता है. इसमें एक बटन लगा है. मुसीबत आने पर इस बटन को दबाने से पुलिस के साथ-साथ इसमें सेट किए गए 5 नंबरों पर कॉल चला जाएगा. इसके साथ लोकेशन और ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास पहुंच जाएगी. इससे समय रहते तत्काल महिलाओं को मदद मिल जाएगी.
ब्रेसलेट को बनाने में 30 हजार रुपये का खर्च आया
छात्रों के मुताबिक उन्हें इस स्मॉर्ट ब्रेसलेट बनाने में तकरीबन 30 हजार रुपये का खर्च आया है. इसे तैयार करने में 20 दिन का समय लगा है. इस ब्रेसलेट जैसी डिवाइस में ब्लूटूथ नैनो मॉड्यूल, ब्लू रेड लाइट, एस डी कार्ड रिडर, बैटरी, माइक्रोफोन का इस्तेमाल किया गया. छात्राओं ने बताया कि उन्होंने महिलाओं, लड़कियों और बच्चों के साथ हो रहे अपराध को देखते हुए इस डिवाइस को तैयार किया है ताकि उनतक आसानी से मदद पहुंचाई जा सके.
स्कूल के प्रिंसिपल ने की छात्राओं की तारीफ
स्वामी विवेकानंद एकेडमी के स्कूल के प्रिंसिपल ऋषि कांत उपाध्याय ने बताया कि विद्यालय में पढ़ाई के साथ ही वैज्ञानिक रुचि रखने वाले छात्रों को सपोर्ट किया जाता है. छात्राओं ने बहुत शानदार डिवाइस बनाया है. इस डिवाइस का इस्तेमाल कर मुसीबत में फंसी महिलाएं, लड़कियां और बच्चों की तत्काल मदद की जा सकती है. इस डिवाइस की मदद से महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों में भी कमी लाई जा सकती है.
