पेशे से कार्पेंटर लेकिन पॉडकास्ट में उगलता था जहर, यूट्यूबर सलीम का गला रेतने के बाद गांव पहुंचा था जीशान
गाजियाबाद के लोनी में सलीम वास्तिक का गला रेतने वाला जीशान ने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की थी. वह पेशे से कार्पेंटर था, लेकिन इस्लामिक धर्मगुरुओं की तरह अपने विचार व्यक्त करता था. इसके लिए उसने अपने कमरे के एक कोने में इंस्पायर विद जीशान नाम का पॉडकास्ट बना रखा था. इस पॉडकास्ट के जरिए वह आग उगलती धार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करता था.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने वाले आरोपी जीशान को पुलिस ने मुठभेड़ में रविवार यानी एक मार्च को मार गिराया था. जीशान ने इस वारदात को अपने भाई गुलफाम के साथ मिलकर अंजाम दिया था. गुलफाम अब भी फरार है. जीशान की तरह उसपर भी पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है. पुलिस ने अब इस मामले में कई बड़े खुलासे किए हैं.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले के पीछे एक पाकिस्तानी यूट्यूबर का हाथ है. इस पाकिस्तानी यूट्यूबर ने ही प्रतिबंधित संगठन मेहदी मुस्लिम आर्मी के सदस्य जीशान को सुपारी दी थी. इसके बाद जीशान ने अपने भाई गुलफाम के साथ मिलकर चाकू से सलीम वास्तिक के गले पर वार कर दिया था.
पॉडकास्ट के जरिए बनाता था भड़काऊ वीडियो
अब इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हो रहा है. सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई करने वाला और पेशे से कार्पेंटर जीशान इस्लामिक धर्मगुरुओं की तरह अपने विचार व्यक्त करता था. इसके लिए उसने अपने कमरे के एक कोने में इंस्पायर विद जीशान नाम का पॉडकास्ट बना रखा था. इस पॉडकास्ट के जरिए वह आग उगलती धार्मिक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करता था.
जीशान के पॉडकास्ट में बाबरी का भी जिक्र
जीशान ने अपने एक पॉडकॉस्ट में बाबरी मस्जिद का भी जिक्र कर रखा है. इसमें वह कहता है कि जब बाबरी मस्जिद की याद आती है तो दिल जलता है. आंखें नम होती है. वह हमारी पहचान थी.वो ऐसा जख्म है, जो आजतक नहीं भरा. वह आगे कहता है कि हम कमजोर नहीं हैं. हमारा दीन हमें सब्र सिखाता है. हम एक दिन अपना हक जरूर लेकर रहेंगे.
विदेशी कट्टरपंथी संगठन से जुड़े थे दोनों भाई
जीशान मूलरूप से अमरोहा का रहने वाला है. वह अपने भाई गुलफाम के साथ विदेशी कट्टरपंथी संगठन मुस्लिम आर्मी से जुड़ा था और इस संगठन के इशारे पर काम करता था. पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गाजियाबाद में लोनी के रहने वाले एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक की हत्या की सुपारी उसे एक पाकिस्तानी यूट्यूबर ने टेलीग्राम के जरिए दी थी.
टेलीग्राम पर पाकिस्तानी यूट्यूबर से मिली थी सुपारी
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गाजियाबाद में लोनी के रहने वाले एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक की हत्या की सुपारी जीशान को पाकिस्तान के किसी यूट्यूबर ने दी थी. इसके लिए उसका पाकिस्तानी यूट्यूबर के साथ टेलीग्राम ऐप पर बातचीत हुई थी.
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद गाजियाबाद के खोड़ा में अपने भाई के साथ रहकर कार्पेंटर का काम करने जीशान ने टेलीग्राम ऐप के एक ग्रुप पर फोटो डालते हुए लिखा था कि सलीम एक्स मुस्लिम को अस्पताल पहुंचा दिया गया है. फिर वह अपने भाई फरार हो गया था.
सलीम पर हमला करने के बाद गांव चले गए थे जीशान-गुलफाम
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि सलीम वास्तिक पर हमला करने के बाद जीशान और उसका भाई खोड़ा स्थित कमरे पर पहुंचे थे. वहां, अपने कपड़े बदले. फिर सीधा अपने अमरोहा अपने गांव के लिए रवाना हो गए थे. हमले के दौरान जीशान की एक उंगली कट गई थी. उसके पिता ने जब इस बारे में पूछा तो उसने यह कहकर उन्हें गुमराह कर दिया कि काम करने के दौरान कटर से उंगली कट गई.
पुलिस की रडार में ऐसे आया जीशान
पुलिस के मुताबिक जीशान और गुलफाम ने यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर पहले पेपर कटर से वार किया. जब कटर टूट गया तो मेज पर लगे शीशे से वार किया. फिर सलीम को मरा हुआ समझकर बाइक से भाग गए. पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की बाइक के नंबर का पता चल गया.
पुलिस जब बाइक के मालिक के पास पहुंची तो पता चला कि पता चला गुलफाम और जीशान नाम के उसके रिश्तेदार उसकी बाइक मांग कर ले गए थे. यहीं से पुलिस को गुलफाम और जीशान के बारे में जानकारी हुई. फिर दोनों को पकड़ने के लिए पुलिस ने जाल बिछाना शुरू कर दिया. इसी कड़ी में पुलिस से मुठभेड़ के दौरान जीशान मारा गया.
इसलिए सलीम वास्तिक पर किया गया हमला
पुलिस के मुताबिक गाजियाबाद के यूट्यूबर सलीम इस्लाम की कुरीतियों के खिलाफ खुलकर बोलते थे. यही नहीं, वह खुद को एक्स मुस्लिम भी बताते थे. उनके वीडियो देखने के बाद वह कट्टरपंथी संगठनों की नजर पर चढ़े हुए थे. ऐसे में जीशान और उसके भाई गुलफाम ने मौका पाकर सलीम वास्तिक के ऑफिस में घुसकर उनका गला रेत दिया.
