अभी और कितने आदमखोर? वन विभाग ने कैद किए 5 तेंदुए, महा-रेस्क्यू अभियान के बीच दहशत कायम
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा और कांठ तहसील क्षेत्र में आदमखोर तेंदुओं की दहशत बदस्तूर कायम है. एक महिला की मौत व कई ग्रामीणों के घायल होने के बाद वन विभाग ने 5 वयस्क तेंदुओं और 1 शावक को पकड़ा है. महा-रेस्क्यू अभियान जारी है, पर रामगंगा किनारे के गांवों में खौफ बना हुआ है. विभाग ग्रामीणों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है.
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा और कांठ तहसील क्षेत्र में आदमखोर तेंदुओं की दहशत बदस्तूर कायम है. एक महिला की मौत आधा दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने के बाद एक्शन में आई वन विभाग की टीम ने अभी तक 5 तेंदुए पकड़े हैं. उधर, रामगंगा नदी से सटे इलाकों में तेंदुओं का इस कदर खौफ है कि लोग अकेले घर से निकलने में भी डरने लगे हैं. लालापुर पीपलसाना गांव में हाल ही में तेंदुए ने एक महिला का शिकार किया था. घर से चारा लेने गई इस महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी.
इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में जबदस्त आक्रोश है. ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुओं ने अब तक इस क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक लोगों पर हमला कर जख्मी भी किया है. इन घटनाओं को देखते हुए वन विभाग की अलग अलग टीमों ने महा रेस्क्यू अभियान चलाया. इसमें अब तक 5 वयस्क तेंदुओं को पकड़ा गया है. इनके साथ ही टीम ने 1 शावक को भी कैद किया है. इस अभियान में मुरादाबाद के अलावा रामपुर, संभल, अमरोहा, बिजनौर और बाहरी विशेषज्ञों की टीमें जुटी हैं.
गांवों चलाया जा रहा जागरुकता अभियान
डीएफओ विनय कुमार सिंह के अनुसार, विभाग के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ हिंसक वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू करना है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों को इनके हमलों से बचाना भी है. इसके लिए प्रचार वाहनों के जरिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. ग्रामीणों को खेतों में अकेले न जाने की सलाह दी जा रही है. उन्हें कहा जा रहा है कि 7-10 लोगों के झुंड में ही निकले और भरसक कोशिश करें कि सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच ही बाहर जाएं.
देखते ही देखते खींच ले गया तेंदुआ
मृत महिला संतोष देवी के पति वीरेंद्र सिंह ने रोते हुए अपना दर्द साझा किया. बताया कि उनकी पत्नी खेत में पशुओं के लिए चारा काटने गई थी. गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने अचानक हमला किया और उन्हें घसीटकर दूर ले गया था. कुछ देर बाद उन्हें ढूंढते बेटी पहुंची तो उसने तेंदुए को मां का सिर खाते देखा. बेटी के चिल्लाने पर वह उसकी तरफ भी भागा था. इस घटना के बाद से ही लोग भयानक दहशत में आ गए.
कई गावों में अलर्ट
ठाकुरद्वारा तहसील के लालापुर पीपलसाना, डीपली अहीर, मलूकपुर सामली, रायपुर और बलिया जैसे दर्जनों गांवों में तेंदुए की लगातार आवाजाही से जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है. मलूकपुर सिमली और बलिया में भी कई लोग तेंदुए के हमले में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. किसान अपनी जान जोखिम में डालकर बेहद मजबूरी में केवल एकजुट होकर ही चारा लेने खेतों पर जा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर, कांवड़ यात्रा और अंतिम सोमवार को ध्यान में रखते हुए पाकबड़ा इलाके में वन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.