एम्स अच्छा हो सकता है तो बाकी अस्पताल क्यों नहीं? बाबा रामदेव की बड़ी बात, Gen-Z को दी सलाह

योग गुरु बाबा रामदेव ने देश की शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने एम्स जैसे अस्पतालों और आईआईटी जैसे संस्थानों को मानक बताते हुए गांव-देहात के संस्थानों में सुधार की मांग की. बाबा रामदेव ने अधिकारियों के बच्चों को सरकारी स्कूल-अस्पताल में दाखिला दिलाने की बात कही. इस दौरान उन्होंने Gen-Z को मानसिक गुलामी से मुक्त होकर अराजकता रहित आंदोलन की सलाह भी दी.

सत्ता सम्मेलन में बाबा रामदेव Image Credit:

योग गुरू बाबा रामदेव ने देश की चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि जब एम्स अच्छा हो सकता है कि गांव देहात के अस्प्ताल क्यों नहीं. जब आईआईटी और आईआईएम अच्छे हो सकते हैं तो देश के बाकी संस्थान क्यों नहीं. उन्होंने देश में स्कूल हैं, लेकिन टीचर नहीं. अस्पताल हैं लेकिन डॉक्टर नहीं. शिक्षा और चिकित्सा की यह व्यवस्था देश की हकीकत है.

TV9 भारतवर्ष के सत्ता सम्मेलन में पहुंचे स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में एक बच्चे को पढ़ाने पर सरकार 10 हजार रुपये खर्च करती है. कॉलेज स्तर पर यह आंकड़ा और बढ़ जाता है, लेकिन इसका परिणाम क्या है. यह स्थिति सोचने की बात है. उन्होंने कहा कि इसी समस्या को लेकर उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में ‘घपले मत करो, वरना…’ की बात कही थी. उनका तात्पर्य है कि इस व्यवस्था में सुधार होना चाहिए.

सरकारी स्कूल में पढ़ें अफसरों के बच्चे

स्वामी रामदेव ने देश की खराब चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि इसे सुधरना चाहिए. ये तभी सुधरेगा जब विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका के लोग जो सरकार से लाभांवित हैं, उनके बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में हो. यदि वह बीमार पड़े तो उन्हें भी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए. ऐसा हुआ तो पूरा तंत्र सुधर जाएगा. उन्होंने कहा कि ये संस्थान केवल देश के गरीबों के लिए नहीं हैं. आजादी उन गरीबों को भी मिली है.

Gen-Z के लिए कह दी बड़ी बात

बाबा रामदेव ने Gen-Z के लिए बड़ी बात कही है. उन्होंने कहा कि पहली बार उन्होंने Gen-Z के आंदोलन में इतनी गंदी गालियां सुनी हैं. उन्होंने कहा कि ठीक है कि समाज में कुछ गालीबाज और पत्थरबाज भी हैं, लेकिन धीरे धीरे सब ठीक हो रहा है. कहा कि ये गालीबाज और पत्थरबाज Gen-Z नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि हमें आदर्श कहीं बाहर से नहीं लाना. उन्होंने युवाओं के प्रदर्शन का समर्थन किया. कहा कि जहां जरूरत हो, आंदोलन करो, लेकिन इसमें अराजकता नहीं होनी चाहिए.

मानसिक गुलामी से हो मुक्ति

बाबा रामदेव के मुताबिक कुछ लोगों के साफ्टवेयर अमेरिका से अपडेट हो रहे हैं. कुछ पोलिटिशियन कहते हैं कि आरएसएस ने लोगों के दिमाग पर कब्जा कर लिया. उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं पर अमेरिकन थॉट प्रासेस हावी है. ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनीतिक आजादी तो आ गई, अब शिक्षा की आजादी चाहिए. मैकाले के मानस से उपजे थॉट बदलने की जरूरत है. हमें अपनी विरासत का अभिमान होना चाहिए.

कंगना को दिखाया आइना

Gen-Z को गटर जेनरेशन कहने पर बाबा रामदेव ने अभिनेत्री और सांसद कंगना रनावत को आईना दिखाया है. संबंधित सवाल पूछे जाने पर बाबा रामदेव ने उनके बचपन, जवानी और उनके रहन सहन पर सवाल पूछ लिया और कहा कि ऐसे लोगों पर उन्हें बात ही नहीं करनी. उन्होंने Gen-Z को सलाह दी कि वो खुद को ऐसा बनाएं कि खुद दुनिया उनसे बात करने के लिए आगे आए.

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