आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे बनेगा नया इंडस्ट्रियल हब! इन गांवों की 1035 एकड़ जमीन चिन्हित; LDA का बड़ा दांव
एलडीए की वशिष्ठ नगर योजना आगरा एक्सप्रेस-वे पर 1035 एकड़ में विकसित होगी. यह योजना स्टेट कैपिटल रीजन का नया ग्रोथ इंजन बनेगी. इस योजना का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है. जमीन भी चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द ही इसपर काम शुरू हो जाएगा.
राजधानी के विकास को नई दिशा देने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ा प्लान तैयार किया है. आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे करीब 1035 एकड़ क्षेत्रफल में वशिष्ठ नगर योजना विकसित की जाएगी. यह स्टेट कैपिटल रीजन में औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को गति देगी. साथ ही इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से भी जोड़ेगी.
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि योजना का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है. इसे मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के के तहत विकसित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है. इस योजना में विश्वस्तरीय औद्योगिक अवसंरचना विकसित होने से बाहरी निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे.
योजना में अंतरराष्ट्रीय बस टर्मिनल भी बनेगा
वशिष्ठ नगर योजना में आधुनिक औद्योगिक ढांचा, लॉजिस्टिक्स हब, बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना है. एलडीए का उद्देश्य इस क्षेत्र को ऐसा आर्थिक केंद्र बनाना है, जहां बड़े निवेशक आकर्षित हों और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलें. इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जाएंगी.
LDA उपाध्यक्ष ने बताया कि वशिष्ठ नगर योजना आगरा एक्सप्रेस-वे, मोहन रोड, लिंक एक्सप्रेस-वे और वरुण विहार योजना जैसे महत्वपूर्ण कॉरिडोर से सीधे कनेक्ट होगी. इससे उद्योग, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स एवं परिवहन क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि योजना में अंतरराष्ट्रीय बस टर्मिनल भी विकसित किया जाएगा.
इन गांवों की जमीन पर विकसित होगी योजना
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि आगरा एक्सप्रेस-वे के एक तरफ वरूण विहार योजना और दूसरी तरफ वशिष्ठ नगर योजना विकसित की जाएगी. एलडीए ने वशिष्ठ नगर योजना के लिए करीब 1035 एकड़ जमीन चिन्हित की है. इसमें ग्राम रेवरी, भलिया, गहलवारा, आदमपुर इंदवारा, बहरू और जलियामऊ की भूमि शामिल है.
उन्होंने बताया कि योजना के लिए भूमि जुटाने की प्रक्रिया शासन की मंजूरी के बाद शुरू की जाएगी. एलडीए के अनुसार जमीन संकलन पर करीब 1328 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. एलडीए का मानना है कि वशिष्ठ नगर योजना सिर्फ एक नई आवासीय या व्यावसायिक परियोजना नहीं होगी, बल्कि यह लखनऊ के आर्थिक विस्तार का नया केंद्र बनेगी.
