मीटर रीडर की धोखाधड़ी, SDO ने दी ‘तालिबानी’ सजा; बिजली निगम में मुर्गा बनाने का पूरा सच

मुरादाबाद में एक मीटर रीडर को SDO द्वारा 'मुर्गा' बनाने का मामला सामने आया है. इस घटना में SDO ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए कथित धोखाधड़ी के आरोपी मीटर रीडर को अमानवीय सजा दी. मीटर रीडर पर बकाए के 25 हजार रुपये लेकर फर्जी रसीद देने का आरोप है.वायरल वीडियो के बाद बिजली निगम में हड़कंप है और आरोपी को बर्खास्त कर दिया गया है.

मीटर रीडर को मुर्गा बनाने का वीडियो Image Credit:

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित दलपतपुर बिजली घर में एक मीटर रीडर को मुर्गा बनाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. इस घटना में उपखंड अधिकारी (SDO) ने कानून अपने हाथ में लेते हुए, खुद ही धोखाधड़ी के आरोपी मीटर रीडर को सजा दे दी थी. हालांकि अब इस घटनाक्रम का पूरा सच सामने आ गया है. इसमें साफ हो गया है कि यह मामला महज़ अनुशासन का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और उसके बाद दी गई अमानवीय सजा का है.

जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में दिख रहे मीटर रीडर पर आरोप है कि उसने रसूलपुर नगला में एक व्यक्ति से बकाया वसूली के नाम पर 25 हजार रुपये ले लिए और उसे फर्जी रसीद थमा दी. जब विभाग ने उस व्यक्ति को दोबारा नोटिस दिया तो इस घोटाले की पोल खुल गई. लोगों ने बिजली निगम के दफ्तर पर हंगामा किया तो एसडीओ ने मामला शांत कराने के लिए खुद ही मीटर रीडर को मुर्गा बनाकर सजा दे दी. बाद में इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विभाग की भारी किरकिरी हो रही है.

ऐसे हुआ​ धोखाधड़ी का खेल

हाल ही में बिजली निगम ने जिले में बिजली बकाएदारों को नोटिस देना शुरू किया था. इसी दौरान रसूलपुर नगला में भी एक व्यक्ति को नोटिस दिया गया. इस नोटिस को देखकर भुगतान की रसीद लेकर वह व्यक्ति बिजली निगम के दफ्तर पहुंच गया. वहां पता चला कि भुगतान की रसीद फर्जी है. पड़ताल में पता चला कि मीटर रीडर ने ही उस व्यक्ति से 25 हजार का बकाया वसूलकर फर्जी रसीद थमा दी थी.

इसके बाद शनिवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने मीटर रीडर रानू कुमार को घेर लिया. फिर उसे लेकर दलपतपुर बिजलीघर पहुंचे. वहां एसडीओ आरएन राठौर के सामने जब भीड़ ने हंगामा शुरू किया तो एसडीओ ने हालात को संभालने की कोशिश की. उन्होंने तुरंत मीटर रीडर को ऑफिस कैंपस में ही उसे मुर्गा बनवा दिया.

एक्शन में निगम

वीडियो वायरल होने के बाद बिजली निगम में हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता अशोक कुमार चौरसिया ने तत्काल प्रभाव से आरोपी संविदा कर्मी रानू कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं. हालांकि, विभाग अब इस मामले की “लीपापोती” करने के आरोपों से भी घिर गया है. विद्युत निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि बिल हड़पने के मामले की जांच अधिशासी अभियंता-2 को सौंपी गई है. इसी के साथ एसडीओ की भूमिका की भी जांच कराई जाएगी.

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