रिटायर्ड डीएसपी ने खुद को गोली से उड़ाया, पत्नी की मौत के गम में बुरी तरह टूट गए थे

मुरादाबाद में एक रिटायर्ड डीएसपी ने खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी. वह पत्नी की मौत के बाद से अकेलेपन से जुझ रहे थे और बुरी तरह से टूट गए थे. वे अक्सर गुमसुम रहते थे और उन्होंने परिवार के लोगों से भी बातचीत काफी कम कर दी थी.

मुरादाबाद में रिटायर्ड डीएसपी ने खुद को मारी गोली Image Credit:

मुरादाबाद पुलिस महकमे से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां यूपी पुलिस के एक सेवानिवृत्त उपाधीक्षक (डीएसपी) ने खुद को गोली मारकर मौत के घाट उतार लिया है. छजलैट थाना इलाके के रमपुरा गांव में रहने वाले 89 वर्षीय पूर्व पुलिस अधिकारी लखपत सिंह ने अपने ही घर में अपनी लाइसेंसी राइफल से खुदकुशी कर ली है.

मंगलवार यानी 19 मई की सुबह जब काफी देर तक उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला था, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका होने के बाद खिड़की के रास्ते देखा उनके कमरे में झांका गया तो हर कोई सन्न रह गया. वहां लखपत सिंह खून से सना हुआ शव पड़ा दिखा. रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की घर मे मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय छजलैट थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर और जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी.

पत्नी की मौत के बाद अकेलेपन से जुझ रहे थे

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शुरुआती जांच और पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक. पूर्व पुलिस अधिकारी पिछले कुछ समय से बेहद गंभीर मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे थे. दरअसल, कुछ समय पहले ही उनकी जीवनसंगिनी का साथ छूट गया था. इसके बाद से वे घर में अकेलेपन और सन्नाटे से जूझ रहे थे. इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और उनके विभाग के पुराने साथियों में भी शोक की लहर है.

परिवार के लोगों से भी बातचीत कम कर दी थी

स्थानीय लोगों का कहना है कि लखपत सिंह बेहद ही सरल स्वभाव के व्यक्ति थे. हर कोई उनके व्यवहार को बेहद पसंद करता था,. साल 1995 में पुलिस महकमे से सेवानिवृत्त हुए थे. बीते वर्ष 27 दिसंबर 2025 को उनकी पत्नी का देहांत हो गया था. इसके बाद वे पूरी तरह टूट चुके थे, वे अक्सर गुमसुम रहते थे और उन्होंने परिवार के लोगों से भी बातचीत काफी कम कर दी थी.

रात के वक्त खुद को मारी गोली

लखपत सिंह मकान की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में अकेले रहते थे, जबकि उनका बड़ा बेटा सतवीर अपने परिवार के साथ नीचे वाले हिस्से में रहता है. सोमवार की रात भी वे हमेशा की तरह ऊपर अपने कमरे में सोने चले गए थे. रात के सन्नाटे में उन्होंने अपनी राइफल को ठुड्डी के नीचे रखकर ट्रिगर दबा दिया था. सुबह जब वे नीचे नहीं आए, तो बेटे ने सीढ़ी की मदद से ऊपर जाकर देखा था, जहां बेड पर पिता की लाश और पास ही राइफल पड़ी थी.

मृतक पूर्व डीएसपी के परिवार में दो बेटे और तीन बेटियां हैं, बड़ा बेटा सतवीर एक निजी टेलीकॉम कंपनी में मैनेजर पद से रिटायर हो चुका है. वहीं, छोटा बेटा जगवीर पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) में इंजीनियर पद से हाल ही में सेवानिवृत्त हुआ है और बाहर रहता है. तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि गोली सीधे ठोड़ी के नीचे सटकर लगने की वजह से सिर और चेहरे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था. अत्यधिक खून बहने और सिर की गंभीर चोट के कारण मौके पर ही उनकी सांसें थम गई थी. पुलिस ने मौके से लाइसेंसी हथियार को जब्त कर लिया है, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन परिजनों के बयानों के आधार पर डिप्रेशन को ही आत्मघाती कदम की मुख्य वजह माना जा रहा है. पुलिस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है.

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