मृत व्यक्ति से समाज को खतरा! बयान के साथ दरोगा ने भर दिया चालान, कोर्ट में खुली पोल तो…

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है. पाकबड़ा थाने ने दो साल पहले मृत एक व्यक्ति पर शांतिभंग की कार्यवाही कर डाली. दरोगा ने मृत व्यक्ति का बयान दर्ज करने का दावा किया, लेकिन जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो मृतक के परिजनों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है. इस घटना से कोर्ट भी हैरान रह गई और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे.

पाकबडा थाना

वैसे तो उत्तर प्रदेश पुलिस के एक से बढ़कर एक कारनामे सामने आते रहे हैं. अभी मुरादाबाद में तो एक ऐसा मामला आया है कि खुद कोर्ट भी हैरान रह गई. यहां पाकबड़ा थाने की पुलिस ने एक व्यक्ति से समाज को खतरा बताते हुए निरोधात्मक कार्रवाई कर डाली. यही नहीं, दरोगा ने उस व्यक्ति के घर जाकर बयान दर्ज किया और कोर्ट में पेश भी कर दिया. वहीं कोर्ट में जब उस व्यक्ति को हाजिर होने का आदेश हुआ तो पता चला कि उसकी तो मौत 2 साल पहले ही हो चुकी है.

बड़ी बात कि दरोगा द्वारा तैयार की गई कार्रवाई की फाइल कई बड़े अधिकारियों के टेबल से होकर गुजरी, लेकिन किसी ने भी तथ्यों को तस्दीक करने की कोशिश नहीं की. वहीं आखिर में मामला कोर्ट पहुंचा तो पुलिस की भारी किरकिरी हो गई. बल्कि लोग इस घटना का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्रवाई और कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं. बल्कि लोग तो यह भी पूछ रहे हैं कि दरोगा ने इस व्यक्ति का बयान स्वर्ग में जाकर दर्ज किया या नरक में.

कागजी खानापूर्ति का खुलासा

मामला मुरादाबाद में पाकबड़ा थाना इलाके के नई बस्ती, कैलसा रोड का है. यहां रहने वाले दिनेश और सदन नामक दो पड़ोसियों के बीच काफी समय पहले झगड़ा हुआ था. शिकायत थाने तक पहुंची थी. बाद में पुलिस ने इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दोनों पक्षों की तरफ से चार-चार सदस्यों को चिह्नित करते हुए उनके खिलाफ शांतिभंग की धाराओं में चालान भर दिया. इसमें दरोगा ने खुद लिखा कि उन्होंने 28 मार्च 2026 को खुद घटनास्थल का दौरा किया. इस दौरान आरोपी से मिलकर बयान कलमवद्ध किए थे.

प्रशासनिक जांच के आदेश

कोर्ट के आदेश पर अपनी पत्नी पूनम के साथ दिनेश और उसके भाई नरेश की पत्नी रज्जो कोर्ट में हाजिर थीं. इसी दौरान कोर्ट में नरेश को हाजिर करने को कहा गया. उस समय नरेश की पत्नी ने बताया कि साहेब, उन्हें दो साल पहले ही यमराज ले गए. यह सुनते ही कोर्ट में सन्नाटा पसर गया. इसके बाद मजिस्ट्रेट ने मृत व्यक्ति पर शांतिभंग के आरोप मढ़ने के आरोप में दरोगा के खिलाफ सख्त रूख अख्तियार किया है. मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच करने और आख्या देने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया है.

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