वैलेंटाइन डे पर पार्कों में बजरंग दल का पहरा, कपल्स को खदेड़ा; एक-दूसरे को बंधवाई राखी
वैलेंटाइन डे पर अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता पार्कों में गश्त करते नजर आएं. पार्कों में बैठे युवक-युवतियों से पूछताछ की, कुछ मामलों में परिजनों को सूचित किया गया, तो एक जोड़े से राखी भी बंधवाई गई. यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने नई बहस छेड़ दी है.
मुरादाबाद में वैलेंटाइन डे के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं मुस्तैद नजर आएं. कई पार्कों में पहुंचकर कपल्स से पूछताछ की. अलग-अलग स्थानों पर गश्त करती नजर आईं. पार्कों में बैठे कपल से उनके संबंधों के बारे में सवाल किए गए. कुछ मामलों में उनके परिजनों से भी फोन पर संपर्क किया गया है. कईंयों को ‘नैतिक का पाठ’ पढाया.
इस बीच एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायकरल हो रही है. इसमें बजरंग दल के कार्यकर्ता एक पार्क में बैठे थे, दोनों अपने आप को भाई-बहन बताया. इसके बाद लड़की से लड़के की कलाई पर राखी बंधवाई गई है. इतना ही नहीं, राखी बंधने के बाद युवक से युवती के पैर छूने के लिए भी कहा गया. यह अब शहर में चर्चाएं का विषय बन गया है.
वैलेंटाइन डे के नाम पर पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य समाज में जागरूकता लाना है, जबकि कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप के रूप में देख रहे हैं. वैलेंटाइन डे के दिन हुई इस हिंदू संगठन के लोगों ने शहर में घूम कर अलग ही माहौल बना दिया है. एक नाबालिग जोड़े को भी रोका गया और उनके परिवार को इसकी जानकारी दी गई.
वैलेंटाइन डे पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं के तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. इस पूरे प्रकरण पर बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने कहा कि वैलेंटाइन डे के नाम पर पश्चिमी संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है, जो भारतीय परंपराओं के अनुरूप नहीं है. युवाओं को ऐसे आयोजनों से दूर रहकर देश और समाज के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए.
14 फरवरी को शहीदों को श्रद्धांजलि दें- सक्सेना
रोहन सक्सेना ने लोगों से अपील की कि वे 14 फरवरी को शहीदों को श्रद्धांजलि दें और सामाजिक मूल्यों को प्राथमिकता दें. उनका कहना है कि संगठन का उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं है, बल्कि सामाजिक जागरूकता फैलाना है. रोहन का यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि युवाओं को भारतीय संस्कारों की याद दिलाई जा सके.