मोबाइल हाथ से छूटकर रेलवे ट्रैक पर गिरा, छात्र ने चलती ट्रेन से लगा दी छलांग; दर्दनाक मौत
इटावा में आम्रपाली एक्सप्रेस ट्रेन से सफर कर रहे एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई. बोगी के गेट पर खड़े होने के दौरान उसका मोबाइल नीचे गिर गया. मोबाइल उठाने की जल्दबाजी में उसने अंधेरे में चलती ट्रेन से छलांग लगा दी, जिससे छात्र की मौके पर ही जान चली गई.
इटावा के इकदिल क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में 21 साल के छात्र की जान चली गई. छात्र आम्रपाली ट्रेन से पानीपत जा रहा था. ट्रेन के गेट पर खड़े रहने के दौरान उसका मोबाइल नीचे गिर गया. मोबाइल उठाने की कोशिश में उसने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी और ट्रैक पर गिरते ही उसकी मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र का नाम गुलशन बताया जा रहा है और वह बाराबंकी का रहने वाला है. गुलशन आंखों से संबंधित डिप्लोमा की पढ़ाई करने पानीपत जा रहा था. मृतक छात्र के मौसेरे भाई रामगोपाल के मुताबिक गुलशन एक दिन पहले अपने घर बाराबंकी से ट्रेन के जरिए निकला था. उसे इटावा होते हुए पानीपत पहुंचना था.
अंधेरा के कारण ट्रेन की स्पीड का अंदाजा नहीं लगा
परिवार का कहना है कि वह पढ़ाई को लेकर गंभीर था और अपने भविष्य को लेकर कई योजनाएं बना रहा था. पिता खेती किसानी करते है और उसके दो छोटे भाई बहन है. उसने आम्रपाली ट्रेन में जनरल टिकट लेकर यात्रा शुरू की थी. भीड़ होने के कारण वह बोगी के गेट के पास खड़ा था. रात्रि करीब 10 बजे की यह घटना है, जब ट्रेन इकदिल स्टेशन पार कर रही थी.
घटना इकदिल रेलवे स्टेशन के पास नई दिल्ली की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर हुई. युवक बोगी के गेट पर मोबाइल चला रहा था. इसी दौरान अचानक झटका लगा और मोबाइल हाथ से छूटकर रेलवे ट्रैक पर गिर गया. बाहर अंधेरा रहने के कारण उसे ट्रेन की वास्तविक गति का अंदाजा नहीं हो पाया. उसे लगा कि ट्रेन धीमी हो गई है और उसने छलांग लग दी.
घर में मातम पसरा, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल
युवक ने मोबाइल वापस पाने की जल्दबाजी में उसने चलती ट्रेन से नीचे छलांग लगा दी. आसपास के लोगों ने ट्रैक पर युवक को पड़ा देखा तो पुलिस को सूचना दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की तो युवक की मौत हो चुकी थी. इकदिल थाना प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराई और परिजनों को सूचना दी.
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं, सूचना मिलते ही परिजन बाराबंकी से इटावा पहुंचे. घर में मातम पसरा है और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. पिता किसान हैं और बेटे की इस तरह मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. यह घटना मोबाइल के मोह और चलती ट्रेन में लापरवाही को दर्शाती है.