बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक एक्वा लाइन, नोएडा मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को केंद्र की मंजूरी
केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. इसके तहत एक्वा लाइन मेट्रो कॉरिडोर को बॉटनिकल गार्डन से नोएडा सेक्टर-142 तक विस्तार होगा. इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन होंगे. इससे परी चौक से बॉटनिकल गार्डन का सफर आसान होगा, यात्रा समय भी घटेगा.
केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो के एक्वा लाइन एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे हरी झंडी दी. इसके तहत सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर का विस्तार होगा. इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन होंगे जिससे परी चौक से बॉटनिकल गार्डन का सफर आसान होगा.
यह परियोजना योगी सरकार के शहरी विकास और निवेश प्रोत्साहन मॉडल में मजबूत कनेक्टिविटी का विस्तार माना जा रहा है. यह नया कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक जाएगा, जहां दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी. इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों की यात्रा सुगम और आसान होगी.
शिक्षा और औद्योगिक क्षेत्र भी इस विस्तार से जुड़ेंगे
एक्सटेंशन कॉरिडोर से नोएडा के कई प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. सेक्टर-142 में एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल, सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा, सेक्टर-145 में माइक्रोसॉफ्ट और सेक्टर-157 में टीसीएस जैसे बड़े संस्थानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र भी इस विस्तार से जुड़ेंगे. सेक्टर-125 स्थित एमिटी, सेक्टर-91 का पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-44 का महामाया बालिका इंटर कॉलेज और सेक्टर-128 का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अब मेट्रो नेटवर्क से बेहतर तरीके से कनेक्ट होंगे. इसके अलावा बॉटनिकल गार्डन जैसे प्रमुख स्थलों तक पहुंच आसान होगी.
नए निवेश को बढ़ावा, व्यावसायिक गतिविधियों को बल
इस विस्तार से सड़क यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी. मेट्रो को सड़क परिवहन का प्रभावी विकल्प बताते हुए अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रैफिक जाम में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की बचत होगी. मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से परिवहन पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी.
आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ, शरद कोहली कहते हैं, “बुनियादी ढांचे के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. जिस तरह से नोएडा व ग्रेटर नोएडा विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों का हब बन रहे हैं, यह नया मेट्रो रूट दिल्ली, नोएडा/ग्रेटर नोएडा के बीच नए निवेश को बढ़ावा देने के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी बल देगा.’