पहचान बदली, धर्म बदला, लेकिन नहीं बदली किस्मत…21 साल बाद पुलिस के हत्थे ऐसे चढ़ा नरेश उर्फ सुल्तान
मुरादाबाद का नरेश नाम का हिस्ट्रीशीटर 21 साल पहले अचानक से लापता हो गया था. कुछ दिन पहले पुलिस को सूचना मिली कि वह नाम और धर्म बदलकर संभल में रह रहा था. कुछ दिनों पहले मुरादाबाद में घूमते दिखा. ऐसे में पुलिस ने मुखबिरों को एक्टिव किया और घेराबंदी करते हुए नरेश उर्फ सुल्तान को दबोच लिया.
मुरादाबाद के पकवाड़ा थाना इलाके जनपद पुलिस को यश ऐप आधारित सत्यापन के जरिए बड़ी सफलता हाथ लगी है. दरअसल, पुलिस ने 21 साल से फरार चल रहे शातिर हिस्ट्री शीटर नरेश वाल्मीकि (56) को गिरफ्तार किया है. वह फर्जी पहचान के जरिए संभल में फरारी काट रहा था. संभल जाकर उसने अपना नाम सुल्तान रख लिया. इस दौरान भी वह कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा.
आखिर कैसे हुई अपराधी की पहचान?
पाकबड़ा पुलिस की तरफ से अपराधियों का सत्यापन करने का कार्य चल रहा है. इस दौरान उन्हें पता चला कि फगवाड़ा के हसनपुर गोपाल निवासी नरेश अपनी असली पहचान छुपा कर संभल में सुल्तान के नाम से रह रहा था. उसने फर्जी तरीके से दस्तावेज बनवा लिए थे. उन्हें यह भी पता चला हिस्ट्री सीटर नरेश को क्षेत्र में घूमता हुआ देखा गया है. ऐसे में पुलिस ने अपने मुखबिर एक्टिव कर दिए.
ऐसे दबोचा गया 20 साल से फरार नरेश उर्फ सुल्तान
मुखबिर की सूचना पर डूंगरपुर रोड पर घेराबंदी करते हुए आरोपी को दबोच लिया गया. उसने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए. आरोपी के पास से पहचान छुपाने के लिए दो फर्जी आधार कार्ड, तीन वोटर आईडी, एक पैन कार्ड, ए-श्रम कार्ड, प्रथमा बैंक का स्मार्ट कार्ड और एक लेटर हेड बरामद हुआ है. उसने अपने तमाम दस्तावेज सुल्तान पुत्र जलालुद्दीन के नाम से बनवा रखे थे. इसके अलावा पुलिस को उससे एक मोबाइल भी बरामद हुआ है.
क्या-क्या आपराधिक मामले थे दर्ज?
नरेश उर्फ सुल्तान पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसके खिलाफ लूट समेत कई मामले दर्ज है. पुलिस की लगातार कार्रवाई से बचने के लिए वह दो दशक पहले अपना घर छोड़कर फरार हो गया था. उसके बाद संभल में पहुंचकर नई पहचान बनकर रहना शुरू कर दिया था. वह संभल में मुस्लिमों के बीच रह रहा था और मस्जिद भी जाया करता था. उसने फर्जी तरीके से कई दस्तावेज भी बनवा लिया था.