रेकी, अपहरण और फिरौती… कन्नौज शिक्षक किडनैपिंग केस में दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड

कन्नौज में 2 करोड़ के कर्ज में डूबे दोस्त ने अपने शिक्षक मित्र का अपहरण कर 10 लाख की फिरौती मांगी. उसने साथियों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया. पुलिस ने सर्विलांस की मदद से मुख्य आरोपी दोस्त समेत तीनों को गिरफ्तार कर लिया. घटना में प्रयुक्त कार और हथियार भी बरामद हुए.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

कन्नौज पुलिस ने सरकारी शिक्षक के अपहरण कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से दो अवैध तमंचे, चार जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार और एक मोबाइल फोन बरामद किया है. मामले का एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है.

एसपी विनोद कुमार के निर्देशन में थाना तालग्राम, कोतवाली कन्नौज, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर इस वारदात का खुलासा किया. पुलिस के मुताबिक तिर्वा थाना क्षेत्र के कटरा बहसार निवासी देशराज सिंह ने अपने बेटे राहुल कुमार राजपूत (31), जो सरकारी शिक्षक हैं, के 14 जुलाई को स्कूल से घर नहीं लौटने पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी.

नोएडा के कारोबारी दोस्त ने कराया अपहरण

बाद में परिजनों के पास 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने का फोन आया, जिसके बाद मामला अपहरण में दर्ज किया गया. जांच में सामने आया कि राहुल का मित्र अविनाश राजपूत नोएडा में फाइनेंस कंपनी चलाता था. कारोबार में धोखाधड़ी और अन्य कारणों से उसे करीब दो करोड़ रुपये का कर्ज हो गया था. इसी को लेकर उसने अपहरण की साजिश रची.

आरोपी अविनाश राजपूत ने अपने साथियों सर्वेन्द्र कुमार कुशवाहा, केशव अवस्थी उर्फ केशव पंडित और सागर कश्यप के साथ मिलकर राहुल के अपहरण की साजिश रची. आरोपियों को जानकारी थी कि राहुल अपने परिवार का इकलौता बेटा है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत है. साथ ही उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे निशाना बनाया गया.

दोस्त समेत तीन गिरफ्तार, एक आरोपी फरार

योजना के तहत आरोपियों ने दिल्ली से एक सेकेंड हैंड स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी और कई दिनों तक शिक्षक की रेकी की. 14 जुलाई को स्कूल से लौटते समय सुजान सराय के पास राहुल को जबरन कार में बैठाकर नोएडा ले गए, जहां उसे बंधक बनाकर मारपीट की गई. इसके बाद अलग-अलग जगह से फोन कर परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई.

पुलिस ने सर्विलांस के जरिए कॉल की लोकेशन ट्रैक कर आरोपियों तक पहुंच बनाई. पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी राहुल को दिल्ली के लालकुआं क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए. राहगीरों ने 108 एंबुलेंस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां से सूचना मिलने पर पुलिस उसे लेकर आई और पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ.

सोमवार को पुलिस ने मायापुर्वा मोड़, बिरौली जंगल के पास घेराबंदी कर अविनाश राजपूत, सर्वेंद्र कुमार कुशवाहा और केशव अवस्थी उर्फ केशव पंडित को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, फिरौती और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया है. जबकि फरार आरोपी सागर कश्यप की तलाश जारी है.

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